फिरोजाबाद। पुलिस का अजीबो गरीब कारनामा सामने आया है। पुलिस ने न्यायालय के वारंट जारी व कुर्की की उद्घोषणा होने के बाद भी अभियुक्त न्यायालय में हाजिर नहीं हुआ। वहीं पुलिस ने गैर जिम्मेदार रवैया अपनाते हुए मुल्जिम की बजाय न्यायिक अधिकारी की तलाश करती रही। इसी आशय की आख्या न्यायालय के समक्ष दाखिल की। इसमें मुल्जिम की बजाय न्यायिक अधिकारी का नाम अंकित करते हुए कहा कि इस नाम की कोई अभियुक्ता नहीं रहती है। अदालत ने आईजी को इस मामले में पत्र लिखकर पुलिस की कार्यशैली से अवगत कराया है। आदेश की प्रति डीजीपी उत्तर प्रदेश एवं पुलिस अधीक्षक फिरोजाबाद को भेजने का आदेश पारित किया है।
मामला थाना उत्तर से जुड़ा हुआ है। अपर सिविल जज सीनियर डिवीजन फिरोजाबाद नगमा खान की न्यायालय में मुकदमा संख्या 2672 सन् 2012 सरकार बनाम राजकुमार आदि चोरी एवं चोरी का माल बरामद होने का विचाराधीन है। मुकदमा में मुल्जिम राजकुमार उर्फ पप्पू निवासी कोटला रोड पीके मांटेसरी स्कूल के पास थाना उत्तर अदालत में गैर हाजिर चल रहा था। जिसके विरुद्ध न्यायालय से कई बार गिरफ्तारी वारंट जारी किए गए। लेकिन उसके हाजिर नहीं होने पर न्यायिक अधिकारी नगमा खान ने मुल्जिम के विरुद्ध गिरफ्तारी वारंट एवं कुर्की की उद्घोषणा अर्थात 82 की कार्रवाई जारी की। पुलिस उप निरीक्षक बनवारी लाल द्वारा न्यायालय के समक्ष इस आशय की आख्या दाखिल की गई। एनबीडब्लू की तामील उप निरीक्षक द्वारा की गई तो नगमा खान को अंकित पते पर काफी तलाश किया गया तो उक्त पते पर इस नाम की कोई अभियुक्ता नहीं रहती है। न्यायिक अधिकारी नगमा खान ने पुलिस की इस आख्या पर आश्चर्य व्यक्त करते हुए पुलिस की कार्यशैली पर प्रश्न चिन्ह लगाया और डयूटी के प्रति बहुत ही लापरवाह माना है। मुकदमा में अग्रिम तिथि 26 अप्रैल 2025 नियत की है। न्यायिक अधिकारी ने आईजी व डीजीपी को पत्र लिखकर इससे अवगत कराया है।