फिरोजाबाद। थाना एका क्षेत्र में नकली पेट्रोल एवं डीजल की बिक्री करने वाले चंद्रा फिलिंग स्टेशन के नाम से पेट्रोल पंप का संचालन बिना लाइसेंस के हो रहा था। पूर्ति विभाग के अधिकारियों ने इसकी जांच करने तक की भी जरूरत महसूस नहीं की। जबकि उक्त पेट्रोल पंप पिछले कई माह से संचालित किया जा रहा है। इससे विभाग की भूमिका पर भी सवाल उठने लगे हैं।
उत्तर प्रदेश गौतमबुद्ध नगर जिले की एसटीएफ के उप निरीक्षक सनत कुमार ने थाना एका क्षेत्र में चंद्रा फिलिंग स्टेशन पर छापेमारी के बाद यह बात स्पष्ट हो सकी कि यह पेट्रोल पंप पिछले करीब चार से पांच माह से बिना किसी लाइसेंस के संचालित किया जा रहा था। इससे साफ जाहिर है कि पूर्ति विभाग कितना सक्रिय है। विभाग के द्वारा पेट्रोल पंपों पर जांच तक नहीं की जा रही है। यदि जांच की गई होती तो शायद इस पेट्रोल पंप पर कोई लाइसेंस है कि नहीं इसका पता चल जाता। एसटीएफ की टीम ने पेट्रोल पंप का संचालन करने वाले थाना एका के जेडा निवासी चंद्रविजय से पूछताछ की तो उसने चार माह से पेट्रोल पंप को संचालित करने की बात कही। यही नहीं वह लाइसेंस तक नहीं दिखा सका था। थाना प्रभारी एका अनिल कुमार ने बताया कि मिलावटी डीजल एवं पेट्रोल की बिक्री करने वाले पेट्रोल पंप का संचालन बिना लाइसेंस के हो रहा था। यह एसटीएफ टीम की ओर से की गई जांच में स्पष्ट हो सका। उन्होंने कहा सात वर्ष से कम सजा होने के कारण पांचों आरोपियों की जमानत मिल गई है। क्षेत्रीय पूर्ति अधिकारी सुशील कुमार तिवारी ने कहा कि एका क्षेत्र में जिस पेट्रोल पंप पर कार्रवाई की गई है वह बिना लाइसेंस के चार माह पूर्व से चलने की बात सामने आई है। बताते हैं कि उसने आवेदन कर दिया था।