शिकोहाबाद (फिरोजाबाद)। खेती की भूमि के बंटवारे के मामले में एंटी करप्शन टीम आगरा ने सोमवार को बंदोबस्त अधिकारी कार्यालय के चपरासी अमर सिंह और उसके बेटे नीरज निवासी मक्खनपुर को 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया। इस कार्रवाई के बाद जिला मुख्यालय और बंदोबस्त अधिकारी कार्यालय के अधिकारी-कर्मचारियों में खलबली मच गई। एंटी करप्शन इंस्पेक्टर पूजा शर्मा ने शिकोहाबाद थाने में बाप-बेटे पर प्राथमिकी दर्ज कराई है। आज यानी मंगलवार को इन्हें आगरा एंटी करप्शन कोर्ट में पेश किया जाएगा।
शिकोहाबाद के गांव भूड़ा (आरोंज) निवासी पूर्व होमगार्ड राम कुमार उर्फ कुन्ना का पारिवारिक खेती के बंटवारे को लेकर विवाद चल रहा था। यह मामला बंदोबस्त अधिकारी की कोर्ट में समक्ष विचाराधीन था, जिसे 29 मई को खारिज कर दिया गया था। राम कुमार उर्फ कुन्ना का आरोप है कि इसके बावजूद कार्यालय का चपरासी अमर सिंह लगातार पीड़ित से संपर्क कर मामले का फैसला उसके पक्ष में कराने का लालच देकर रुपयों की मांग कर रहा था। इसकी शिकायत एंटी करप्शन में की थी।
सोमवार दोपहर करीब 12:40 बजे आरोपी चपरासी ने पीड़ित को थाना मक्खनपुर क्षेत्र के बिल्टीगढ़ चौराहे पर बुलाया। वहां वह अपने बेटे नीरज के साथ बाइक से पहुंचा था। पीड़ित ने जैसे ही केमिकल लगे 20 हजार रुपये आरोपी चपरासी को थमाए और उसने वह रकम अपने बेटे को गिनने के लिए दी, तभी पहले से ही सादे कपड़ों में जाल बिछाकर बैठी एंटी करप्शन टीम ने दोनों को रंगेहाथ दबोच लिया। टीम दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर तत्काल थाना शिकोहाबाद पहुंची, जहां उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्राथमिकी इंस्पेक्टर पूजा शर्मा की ओर से दर्ज कराई गई। टीम ने बताया कि दोनों आरोपियों को आगरा स्थित एंटी करप्शन कोर्ट में पेश किया जाएगा।
एक लाख पहले ले चुका था, अब की थी 50 हजार की नई मांग
पीड़ित राम कुमार का आरोप है कि आरोपी चपरासी लंबे समय से काम कराने के नाम पर उसे प्रताड़ित कर रहा था। उसने पूर्व में फैसला पक्ष में कराने का झांसा देकर अपने खाते में ऑनलाइन 10 हजार रुपये ट्रांसफर कराए थे। इसके अलावा वह एक लाख रुपये नकद भी ऐंठ चुका था। पीड़ित के अनुसार, इसके बाद भी आरोपी का पेट नहीं भरा और उसने 50 हजार रुपये की नई मांग रख दी। इसी मांग से परेशान होकर पीड़ित ने एंटी करप्शन ब्यूरो में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पहली किस्त के 20 हजार रुपये लेते समय कातिल चपरासी और उसका बेटा दबोच लिया गया।
महिला सदस्यों समेत टीम ने की थी घेराबंदी
एंटी करप्शन टीम ने इस पूरी ट्रैप कार्रवाई को बेहद गोपनीय और पेशेवर तरीके से अंजाम दिया। पीड़ित को तय प्लान के अनुसार केमिकल लगे नोट देकर आरोपी से मिलने भेजा गया था, जबकि टीम के सदस्य आम जनता के बीच घुल-मिलकर आसपास निगरानी कर रहे थे। मौके पर शक से बचने के लिए पीले सलवार-कुर्ते में दो महिला सदस्य भी तैनात की गई थीं। जैसे ही रिश्वत का लेन-देन पूरा हुआ, इशारे मिलते ही टीम ने तत्काल घेराबंदी कर दोनों आरोपियों को पकड़ लिया और उनके हाथ धुलवाए, जिससे पानी का रंग गुलाबी हो गया।
थाने में सात घंटे तक चली पूछताछ
गिरफ्तारी के बाद एंटी करप्शन की टीम दोनों आरोपियों को लेकर थाना शिकोहाबाद के एक सुरक्षित कमरे में पहुंची। यहां वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में पिता-पुत्र को आमने-सामने बैठाकर करीब सात घंटे तक पूछताछ की गई। पूछताछ के दौरान टीम ने यह भी पता लगाने का प्रयास किया कि इस रिश्वतखोरी के सिंडिकेट में कार्यालय का कोई अन्य बड़ा बाबू या अधिकारी तो शामिल नहीं है। पूछताछ के आधार पर टीम ने अपनी रिपोर्ट तैयार की।
आरोपी पिता-पुत्र के विरुद्ध प्राथमिकी शिकोहाबाद थाने में दर्ज कराई गई है। इनको आगरा एंटी करप्शन कोर्ट में आज पेश किया जाएगा।
- पूजा शर्मा, इंस्पेक्टर, एंटी करप्शन