इसे पुलिसिया लापरवाही कहें या लोगों की जल्दबाजी। पुलिस कर्मियों के सामने जाम और यातायात व्यवस्था ध्वस्त होती रही और टीएसआई से लेकर अन्य वर्दीधारी असंवेदनहीन बने चौराहे पर खड़े रहे। जिस स्थान पर मंगलवार को डीएम और एसपी ने यातायात माह का आगाज किया था वहीं सुभाष तिराहा बुधवार को दिन भर जाम से कराहता रहा।
यातायात माह आगाज के अगले दिन ही यातायात व्यवस्था पटरी से उतर गई। शहर में हर सड़क पर जाम लगता है। हर जगह जाम का कारण भले ही अतिक्रमण न हो, लेकिन रोडवेज बस चालकों द्वारा रोड पर बस खड़ी करने से जाम के हालात बनते दिखाई देते हैं। बुधवार को भी कुछ ऐसे ही हालत दिखाई दिए। जगह न होने के कारण गांधी पार्क चौराहा की ओर से आने वाले वाहन भी यथास्थान पर ही रुक गए और बस स्टैंड के अंदर प्रवेश करने वाली बसें भी रोड पर खड़ी हो गईं। इसके चलते सुभाष तिराहा से गांधी पार्क की ओर जाने वाला मार्ग भी अवरुद्ध हो गया। जिस समय यह जाम लगा उस वक्त टीएसआई मनोज कुमार पुलिस कर्मियों के साथ जिला अस्पताल के सामने वाहनों के चालान कर रहे थे, लेकिन पुलिस को जाम खुलवाने की सुध नहीं थी। ऐसे में लोग पुलिस की इस व्यवस्था को लेकर आहत नजर आए।