स्वतंत्रता सेनानी गया प्रसाद की स्मृति में कृतियों का लोकार्पण
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साहित्यिक संस्था ‘मनीषा’ द्वारा स्वतंत्रता सेनानी एवं राष्ट्रीय ढोल गायक गया प्रसाद शर्मा के स्मृति दिवस में अरोमा रेस्टोरेंट में गोष्ठी का आयोजन किया। इसमें तीन पीढ़ियों की तीन कृतियों का लोकार्पण किया गया। साथ ही यश भारती सम्मान प्राप्त चक्रेश जैन को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ पीडी जैन कॉलेज के संगीत प्रधानाध्यापक तेजवंत ने सरस्वती वंदना से किया। अध्यक्षता कर रहे विद्वान प्राचार्य नरेंद्र प्रकाश जैन, पूर्व कुलपति डा. जीके अग्रवाल, उप्र रत्न बालकृष्ण गुप्त, आरसी गुप्त, डा. मक्खन लाल पाराशर ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलन एवं सरस्वती चित्र पर माल्यार्पण किया। स्वतंत्रता सेनानी के पौत्र डा. केके भारद्वाज ने ढोल सुनवाया। रवि दत्त शर्मा ने संस्मरण सुनाए। डा. मक्खनलाल पाराशर की कृति ‘क्या होगा’ (गीत संग्रह) का डॉ. रामसनेही लाल शर्मा ‘यायावर’ की कुंडलियां संग्रह ‘संबंधों की नाव’ एवं डा. यायावर की पुत्री डा. सुमन शर्मा के शोध ग्रंथ और कुबेर नाथ राय के ललित निबंध, कृतियों का लोकार्पण किया गया। डा. अशोक तिवारी, हरि किशोर दीक्षित एवं डा एबी चौबे ने अपना समीक्षात्मक वक्तव्य प्रस्तुत किया। धन्यवाद ज्ञापन संयोजक डा राम सनेही लाल शर्मा ‘यायावर’ ने और संचालन मनीषा संस्था के सचिव डा. सुंदरवीर सिंह ने किया। इस मौके पर डा. सुषमा सिंह, यशपाल यश, चंद्र प्रकाश ‘चंद्र’, कृष्ण कुमार ‘कनक’, उद्योगपति बालकृष्ण गुप्त, डा. राम सिंह शर्मा, रमेश चंद्र शर्मा, डा. विमला जैन एडवोकेट, राकेश मिश्रा, प्रकाश चंद्र चतुर्वेदी एडवोकेट, डा. घनश्याम सिंह शर्मा, डा. उमाशंकर गुप्ता, डा. एसपी सिंह, डा. संदीप तिवारी, सीमा रानी आदि मौजूद रहे।