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Firozabad News: सुमन प्रकाश हत्याकांड में एमपी के पुलिसकर्मियों पर फिर से कसेगा शिकंजा

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फिरोजाबाद। भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष डाॅ. लक्ष्मीनरायन यादव के भाई सुमन प्रकाश यादव के 17 वर्ष पूर्व हुए हत्याकांड में कहानी रचने वाली मध्य प्रदेश के जिला ग्वालियर थाना मुरार थाने में तत्कालीन थाना प्रभारी व चौकी प्रभारी के साथ सिपाहियों पर फिर से शिकंजा कसेगा। उक्त पुलिसकर्मियों को इलाहाबाद उच्च न्यायालय से मिले स्थगनादेश को सुप्रीमकोर्ट ने निरस्त कर दिया है। मामले की फिर सुनवाई करने के निर्देश दिए हैं।थाना दक्षिण की आवास विकास काॅलोनी सुहागनगर निवासी भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष डाॅ. लक्ष्मीनरायन यादव के भाई सुमन प्रकाश यादव की 12 अक्तूबर 2007 को दिन दहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस हत्याकांड में उनके भाई ओमप्रकाश यादव ने हत्याकांड में गैंगस्टर रहे अशोक दीक्षित, संजय दीक्षित, पप्पू दीक्षित, वीरभान सिंह गुर्जर, सुरेंद्र गुर्जर के खिलाफ अभियोग दर्ज कराया था। डाॅ. लक्ष्मी नरायन यादव ने कहा कि घटना के सवा घंटे बाद मध्य प्रदेश जिला ग्वालियर के थाना मुरार के तत्कालीन थाना प्रभारी निरंजन उपाध्याय, हाटीपुर के चौकी प्रभारी आरपी गुनकर, सिपाही बहाजदुर सिंह, रामबरन यादव ने अशोक दीक्षित को शराब बेचने की कहानी बनाकर बंदकर दिया था।
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हत्याकांड की विवेचना कर रहे तत्कालीन थाना प्रभारी दक्षिण बलधारी सिंह ने उक्त मामले की ग्वालियर में जाकर जांच की थी। उन्होंने चारों पुलिसकर्मियों के खिलाफ आरोप पत्र मुख्य जुडीशियल मजिस्ट्रेट के न्यायालय में दाखिल किया था। पुलिसकर्मी इलाहाबाद उच्च न्यायालय से प्रेसीडेसिंग स्टेकर राहत प्रदान कर दी थी। भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष डाॅ. लक्ष्मीनरायन यादव ने कहा वादी ओमप्रकाश ने इस मामले को सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी में चला गया। सुप्रीम कोर्ट में वरिष्ठ अधिवक्ता रवींद्र सिंह यादव, रमन यादव ने पैरवी करते की तो 13 दिसंबर को हाईकोर्ट के स्थगन आदेश को निरस्त करते हुए इसमें संबंधित के खिलाफ शीघ्र कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंनें डीएम रमेश रंजन एवं एसएसपी सौरभ दीक्षित को संबोधित पत्र सौंपकर उक्त के खिलाफ कार्रवाई किए जाने की मांग की है।
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