रजावली के गांव रामगढ़ में अब्दुल उर्फ महेंद्र उर्फ पप्पू का घर।
नारखी (फिरोजाबाद)। धर्मांतरण का मास्टरमाइंड महेंद्र उर्फ पप्पू उर्फ अब्दुल बचपन से बेहद शातिर था। खेती करने के साथ ही काफी बड़ी-बड़ी बातें करता था। वह शॉर्टकट के रास्ते अमीर बनना चाहता था। कई बार आस पड़ोस में होने वाली घटनाओं पर भी पैनी नजर रखता था। जिससे लोग अचरज में रहते थे। जबकि उसके पिता टूंडला रेलवे स्टेशन पर भीख मांगकर गुजर बसर करते थे। पुलिस किसी को काला कपड़ा लपेट गांव में लाई थी। हमें क्या पता थी कि यह पप्पू है। अगर ऐसा पता होता कि वह आगे चलकर इस तरह की हरकत करेगा तो उसे कभी गांव में रहने ही न देते। यह बातें मंगलवार को रजावली के गांव रामगढ़ के ग्रामीणों ने कहीं।
गांव रामगढ़ के लोगों ने बताया कि महेन्द्र जादौन उर्फ पप्पू उर्फ अब्दुल रहमान तीन भाई हैं। इनमें महेंद्र उर्फ पप्पू उर्फ अब्दुल सबसे बड़ा है। दूसरे भाई का नाम क्षम्मी, तीसरी भाई का नाम भूरा था। जिसकी खेत के विवाद में 21 वर्ष पहले गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। ग्रामीणों का कहना है कि लगभग 25 वर्ष पहले अपनी यह जमीन, मकान बेचकर मुंबई के लिए चले गए थे। महेंद्र के पिता शराब के आदी थे। यह टूंडला रेलवे स्टेशन पर भीख मांगते थे। प्रेमपाल की भी मौत हो चुकी है। महेंद्र की बहन दो हैं। जिनमें से एक थाना नारखी क्षेत्र गांव ओखरा में अनीता और दूसरी बहन बेबी आगरा में है।
गांव वाले बोले-सख्त सजा दी जाए
महेंद्र के पिता के बारे में गांव के अंकित सिंह ने बताया कि क्षत्रिय समाज में काफी आक्रोश है और बहुत गलत काम किया है। क्षत्रिय होकर मुस्लिम बन गया और अब धर्मांतरण का काम कर रहा है। ग्रामीणों ने उसके लिए कड़ी सजा की मांग की है। गिरंदपाल सिंह ने कहा कि महेंद्र पहले से काफी शातिर था। उसके दिमाग में कुछ न कुछ हमेशा चलता रहता था। संभवत: भाई की हत्या के बाद उसने इस राह को चुन लिया था।