कोटला मोहल्ला स्थित कब्रिस्तान की जमीन से अतिक्रमण हटाने पहुंचे अफसरों को स्थानीय लोगों के विरोध का सामना करना पड़ा। हालांकि खिलाफत के बाद भी कब्जा हटाने की कार्रवाई की गई। बुल्डोजर चलते ही कब्जेदारों में हड़कंप मच गया। निगम प्रशासन ने इस जमीन से ईंट आदि हटाने को दो दिन की मोहलत दी है।
पेयजल पुनर्गठन योजना के तहत जनता को मीठा पानी उपलब्ध कराने के लिए शहर में डेढ़ दर्जन स्थानों पर ओवरहैड टैंक, 22 सीडब्लूआर का निर्माण होना है। शासन के निर्देश पर जिला प्रशासन द्वारा जल निगम को भूमि उपलब्ध कराने में जुटा है। इसके लिए कोटला मोहल्ला में कब्रिस्तान की भूमि भी चिन्हित की गई है। इसीक्रम में भू-अभिलेखों के आधार पर बुधवार को प्रशासन ने कब्रिस्तान की जमीन को कब्जा मुक्त कराने की कार्रवाई की। नगर आयुक्त रामऔतार रमन, एसडीएम सदर रविंद्र कुमार मांदड़, सिटी मजिस्ट्रेट सुरेंद्र बहादुर सिंह, तहसीलदार जीतसिंह रॉय आदि फोर्स लेकर कोटला मोहल्ला पहुंचे। चिह्नित जमीन पर किए गए अतिक्रमण को जेसीबी से ध्वस्त कराया गया। जेसीबी चलते ही क्षेत्रीय लोगों ने पहुंचकर विरोध किया। पर, प्रशासन ने इनकी एक नहीं सुनी। तहसीलदार सदर जीतसिंह रॉय ने बताया है कि जमीन से अतिक्रमण को हटा दिया गया है। सामान हटाने के लिए दो दिन का समय लोगों को दिया गया है।