कपावली में झील की पैमाइश डीएम संतोष कुमार शर्मा,एसडीएम सदर सतेंद्र सिंह कीमौजूदगी में कराई गई।
- फोटो : कपावली में झील की पैमाइश डीएम संतोष कुमार शर्मा,एसडीएम सदर सतेंद्र सिंह कीमौजूदगी में कराई गई। स्रोत विभाग
फिरोजाबाद। नारखी ब्लॉक के कपावली गांव में झील को ईको टूरिज्म के रूप में विकसित किया जाएगा। इस झील का मापन शुक्रवार को जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा की उपस्थिति में राजस्व विभाग की नई प्रणाली रोवर पद्धति से कराई गई। सदियों पुरानी प्राकृतिक झील का रोवर पद्धति से डिजिटल सीमांकन कर इसकी सीमाओं को सुरक्षित करना रहा। शीघ्र ही इसका काम प्रारंभ कराया जाएगा।
नारखी ब्लॉक की पंचायत नैपई के मजरा कपावली में प्राचीन झील का जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा ने अपर जिलाधिकारी नमामि गंगे मोहनलाल गुप्ता, उप जिलाधिकारी सदर सतेंद्र सिंह, तहसीलदार सदर अजय कुमार एवं तहसील की टीम के साथ झील का निरीक्षण किया। जिलाधिकारी ने काफी प्राचीन झील की डिजिटल पैमाइश (रोवर पद्धति) से कराई गई। इस प्रणाली की डिजिटल सीमांकन कर इसकी सीमाओं को सुरक्षित करना हैं। इससे इस प्राकृतिक और पारंपरिक झील को ईको टूरिज्म हब के रूप में विकसित किया जाएगा। जिलाधिकारी ने पौधारोपण करके पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। जिलाधिकारी ने कहा कि जिले में औद्योगिक स्थापना के साथ-साथ ग्रामीण पर्यटन की संभावनाओं वाले स्थलों का चिह्नांकन किया जाए। करीब सात हेक्टेयर में फैली झील ईको टूरिज्म स्पॉट के रूप में तैयार किया जाएगा। इसके चारों ओर पौधारोपण कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि वीबीजीरामजी योजना के तहत जल संरक्षण, पर्यावरण के अनुकूल परियोजना तैयार कराएं। झील को ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत एवं जिला पंचायत के माध्यम से रमणीक स्थल बनाया जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि नई पद्धति से भूमि की पैमाइश होने से ग्रामीण विवाद खत्म होंगे। जिलाधिकारी ने सीधे संवाद करके ग्रामीणों की समस्याओं को सुनकर उनके निदान कराने के आदेश दिए।