सुहागनगरी में प्रदूषण की हकीकत जानने को गुरुवार को एनजीटी की तीन सदस्यीय टीम ने शहर में दस्तक दी। टीम में शामिल अफसरों ने राजा का ताल, इंडस्ट्रियल एरिया में आधा दर्जन ग्लास इंडस्ट्रीज का निरीक्षण कर प्रदूषण का हाल देखा।
सुहागनगरी के कांच उद्योग के खिलाफ प्रदूषण को लेकर लगातार पर्यावरण मंत्रालय, वन मंत्रालय, एनजीटी में लगातार शिकायतें की जा रही हैं। सेफ संस्था द्वारा एनजीटी में लगातार फीरोजाबाद के कांच उद्योग को लेकर शिकायत हो रही है। एनजीटी द्वारा फीरोजाबाद की कांच इकाइयों का निरीक्षण कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए थे। कांच इकाइयों में प्रदूषण की हकीकत जानने को एनजीटी की तीन सदस्यीय टीम ने शहर में दस्तक दी। पर्यावरण मंत्रालय के केके गर्ग, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के एसपी शुक्ला, टीटीजेड अथॉरिटी के प्रतिनिधि बांगडिया के अलावा प्रदूषण नियंत्रण के क्षेत्रीय अधिकारी विश्वनाथ शर्मा, वीके दुबे के साथ शहर की आधा दर्जन ग्लास इंडस्ट्रीज का निरीक्षण किया। राजा का ताल स्थित ओम ग्लास, पंकज, ग्लास, पारस ग्लास, इंद्रा सांइटिफिक, फीरोजाबाद ब्लाक ग्लास में ग्लास उत्पादन की तकनीक, कारखाने की चिमनियों से निकल रहे धुएं के साथ उत्पादन क्षमता भी देखी। अफसरों का कहना था कि अब इस तरह के निरीक्षण अक्सर होते रहेंगे।