फीरोजाबाद। सुहागनगरी में प्रदूषण के सच जानने को नीरी की टीम अब हर इकाई में दस्तक देगी। टीम निरीक्षण कर वर्तमान स्थिति में प्रदूषण के मानक की जांच पड़ताल कर रिपोर्ट तैयार करेगी। मंगलवार को नीरी की टीम ने कई औद्योगिक इकाइयों में दस्तक दी।
फीरोजाबाद के कांच उद्योग के सामने प्रदूषण को लेकर लगातार मुसीबतें बढ़ती जा रही हैं। प्रदूषण के नाम पर दिल्ली से लखनऊ तक आवाज उठ रही है। फीरोजाबाद के कांच उद्योग को लेकर बड़े ग्रुपों द्वारा लगातार लाबिंग की जा रही है। ऐसे में शिकायतों की जैसे बढ़ा आ गई। हाल ही में एनजीटी ने 60 इकाइयों को बंद कराने की बात कहकर मामला गर्मा दिया। कांच उद्योग पर लगातार उठ रही अंगुलियों से जिला प्रशासन से लेकर उद्यमी तक सभी की नींद उड़ी हुई। ऐसे में बचाव का रास्ता ढूंढने का हरसंभव प्रयास भी किया जा रहा है। टीटीजेड अथॉरिटी द्वारा फीरोजाबाद में प्रदूषण के वास्तविक कारणों पर रिपोर्ट तलब की है। जिला प्रशासन ने इसके लिए नागपुर की संस्था नेशनल एनवायरमेंटल इंजीनियरिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट से संपर्क साधा है। इस जांच पर करीब 50 से 55 लाख रुपये खर्चा किया जाएगा। नीरी की टीम ने जून माह में आकर यहां कांच इकाइयों का दौरा कर प्रदूषण मापक यंत्र लगाने की बात कही थी। द्वितीय चरण में प्रदूषण के वास्तविक कारण पता लगाने को नीरी की चार सदस्यीय टीम डा. जार्ज के नेतृत्व में फीरोजाबाद आई है। टीम ने शहर की सड़कों की स्थिति के हालात देखे हैं। टीटीजेड में कहां-कहां इकाइयां संचालित हैं, इस संबंध में भी आंकड़े जुटाए गए हैं। मंगलवार से नीरी की टीम ने कांच इकाइयों में दस्तक देना शुरू कर दिया है। वास्तविक हालात पर रिपोर्ट तैयार की जा रही है।
सर्वे में इन पर रहेगा विशेष ध्यान
- कांच इकाई की लोकेशन।
- कितना प्राडेक्शन होता है।
- इकाई द्वारा क्या-क्या उत्पाद बनाए जा रहे हैं।
- इकाई में कार्यरत लेबर की संख्या।
- इकाई में कितनी चिमनियां हैं।
आरटीओ विभाग से सभी पंजीकृत वाहनों का मांगा रिकार्ड
नीरी की टीम ने आरटीओ विभाग से पंजीकृत सभी तीन पहिया, चार पहिया, आठ पहिया, दस पहिया या इससे अधिक सभी वाहनों का रिकार्ड तलब कर लिया है। नीरी की टीम इन वाहनों की संख्या के आधार पर भी प्रदूषण को मानक देखेगी। इसके अलावा हाइवे पर 24 घंटे दौड़ने वाले वाहनों पर विशेष नजर रखेगी। जनपद के अलावा बाहर से प्रवेश करने वाले वाहनों पर भी खास ध्यान रहेगा।
2010 से बिक्री हुए जेनरेटर का तलब किया रिकार्ड
टीटीजेड क्षेत्र को देखते नीरी द्वारा वर्ष 2010 से अब तक बिक्री हुए सभी कंपनियों के डीजल जेनरेटरों का भी नीरी ने रिकार्ड तलब किया है। डीजल चालित जनरेटर सेट भी प्रदूषण का मानक बढ़ाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।
स्वीडन से मंगाया जाएगा प्रदूषण मापक यंत्र
रिकार्ड के बाद निर्धारित स्थानों पर प्रदूषण मापक यंत्र भी लगाए जाएंगे। यह यंत्र स्वीडन से मंगाए जाएंगे, एक यंत्र की कीमत करीब 80 से 90 लाख रुपए तक है।
गूगल पर कांच चूड़ियां व ग्लास आइटम
कांच की चूड़ियों के साथ ग्लास आइटम जल्द ही गूगल पर नजर आएंगे। नीरी की टीम ने चूड़ी व कांच उद्योग को गूगल पर दिखाने के लिए जीआईएस मैपिंग का कार्य पूरा कर लिया है। अब फीरोजाबाद की कांच इंडस्ट्रीज का पूरा ब्यौरा मात्र क्लिक पर सामने होगा। गूगल पर कांच इकाइयों से संबंधित अहम जानकारी रहेगी, जिसमें फैक्ट्री की लोकेशन, उत्पादन और फैक्ट्री में निर्मित होने वाले सभी आइटम गूगल पर नजर आएंगे। देश-विदेश में कहीं भी बैठकर कोई भी व्यक्ति कांच उद्योग का हाल जान सकेगा।