लोकसभा एवं विधानसभा चुनाव के दौरान फर्जी मतदान को रोकने के लिए लगाई जाने वाली अमिट स्याही को बैंकों से कैश बदलने वालों की अंगुली पर लगाने के आदेश दिए हैं। डीएम ने पंचायत एवं स्थानीय निकाय के कार्यालय से 300 शीशी बैंकों को स्याही मुहैया कराई, लेकिन बैंकों ने वापस कर दिया।
रिजर्ब बैंक ऑफ इंडिया की ओर से पांच सौ एवं एक हजार के नोट बदलने वालों की निगरानी के निर्देश सभी बैंक के प्रबंधकों को दिए हैं। नोट को बदलने वालों के दाहिने हाथ की अंगुली पर भी अमिट स्याही लगाने का काम बैंक के अधिकारी करेंगे। मतलब साफ है कि एक काउंटर पर बैंकों को दो कर्मचारी तैनात ही करने होंगे। क्योंकि एक कर्मचारी अमिट स्याही लगाने का काम करना होगा। डीएम राजेश प्रकाश ने कलक्ट्रेट सभागार में मीटिंग के पश्चात बैंक के सभी शाखा प्रबंधकों को पंचायत एवं स्थानीय निकाय के जिला निर्वाचन कार्यालय से मंगाकर अमिट स्याही की करीब 300 शीशी का वितरण भी किया। सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी रवींद्र शर्मा ने बताया कि विभाग के पास करीब 300 के करीब नग अमिट स्याही के थे। उनको दे दिया है। उन्होंने कहा बैंकों को अब सीधे अमिट स्याही मंगानी होगी। यह तो वैकल्पिक व्यवस्था के तहत दी गई है। एसबीआई के मुख्य प्रबंधक डीके वर्मा ने कहा कि निर्वाचन कार्यालय से भेजी अमिट स्याही को वापस कर दिया है। आरबीआई खुद काली स्याही भेजेगा। उसका ही प्रयोग किया जाएगा। क्योंकि विधानसभा चुनाव करीब होने के कारण ऐसा किया गया।