फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अमित सागर महाराज ने किया केश लोचन

Sat, 21 Mar 2015 11:35 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला फीरोजाबाद
विज्ञापन
विज्ञापन
 रत्नत्रय नसिय ाजी जैन मंदिर में शनिवार को वैराग्य का नजारा नजर आया। जैन मुनि बालयोगी अमित सागर जी महाराज ने केश लोचन किया। वैराग्यमयी क्रिया में जैन मुनि ने हाथों से सिर, दाढ़ी और मूंछों के बाल उखाड़ फेंके। साथ ही मुनिश्री ने निर्जरा उपवास करते हुए पूरे 24 घंटे तक अन्न-जल का त्याग किया। इस दौरान नसिया जी मंदिर में धार्मिक भजनों के साथ-साथ महामंत्र णमोकार गूंजता रहा।
विज्ञापन

प्रवचन के बाद जैन मुनि ने केश लोचन शुरू किया। मुनि अमित सागर जी महाराज ने 24 घंटे के लिए अन्न-जल का त्याग कर उपवास करते हुए केश लोचन किया। वैराग्य का दृश्य देख भक्तों के कदम जहां के तहां रुक गए। महामंत्र णमोकार का पाठ होने लगा। जैन मुनि धीरे-धीरे हाथों से सिर, दाढ़ी और मूंछ के बालों को उखाड़ते गए। इससे पूर्व जैन मुनि बालयोगी मुनि अमित सागर महाराज ने प्रवचन में कहा कि जब जीव के अंदर हलचल पैदा होती है तो कर्मों का आना (आस्रव) शुरू हो जाता है। कर्म तो निर्जीव है, लेकिन आत्मा से इन्हें शक्ति मिलती है। पाप कर्म जीव को दुख और पुण्य कर्म जीव को सुख प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि कर्मों के आधार पर ही सुख-दुख मिलते हैं। पाप कर्मों से दुख और पुण्यकर्मों से सुख मिलता है। संचालन कमल कुमार जैन ने किया।

आज चंद्रप्रभु मंदिर में होंगे प्रवचन
जैन मुनि बालयोगी अमित सागर के विशेष प्रवचन ‘कर्म बंधन कैसे होता है?’ विषय पर चंद्रप्रभु जैन मंदिर में सुबह 8.30 बजे से होंगे। दोपहर दो बजे से कवि राजेश जैन सरल के संयोजन में नसियाजी जैन मंदिर में कवि सम्मेलन होगा।
विज्ञापन


नवसंवत्सर पर पंचामृत अभिषेक हुआ
नसियाजी जैन मंदिर में मुनि अमित सागर के ससंघ सानिध्य में भगवान मुनि सुव्रतनाथ और भगवान पार्श्वनाथ जी का पंचामृत अभिषेक किया गया। जैन मुनि ने नवसंवत्सर का महत्व बताया। उन्होंने शास्त्रों का उल्लेख करते हुए बताया कि विक्रमादित्य आचार्य कुंद-कुंद के भाई थे।
विज्ञापन



विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें