फिरोजाबाद। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान में अधिक से अधिक युवाओं को लाभान्वित करने के लिए शासन जोर दे रहा है। योजनाओं का लाभ लेने के लिए लोग आगे आ भी रहे हैं, लेकिन बैंकों में फाइलें अटक रहीं हैं। बैंक फाइलों को स्वीकृति देने के बजाय कोई न कोई कमी निकालकर उसे निरस्त कर देते हैं, जिससे आवेदकों के रोजगार स्थापना की मंशा सफल नहीं हो पा रही। इससे उद्योग विभाग के अधिकारी भी परेशान हैं।
योगी सरकार ने तकनीकी रूप से प्रशिक्षित युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए मुख्यमंत्री युवा विकास अभियान (सीएम युवा) चलाया है। इसमें उद्योग विभाग, कौशल विकास मिशन, पालीटेक्निक, आईटीआई सहित अन्य संस्थानों से प्रशिक्षित युवाओं के लिए पांच लाख रुपये ब्याज मुक्त ऋण देने का प्रावधान है। सरकार की महत्वाकांक्षी योजना होने के बाद भी बैंक अधिकारी ऋण वितरण में लापरवाही बरत रहे हैं। प्रदेश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2024-25 में जिले के एक हजार युवाओं को ऋण वितरण का लक्ष्य दिया है। इसके सापेक्ष जिले की 20 बैंक शाखाओं को कुल 1501 आवेदन भेजे गए। बैंकों की प्रगति रिपोर्ट पर नजर डाली जाए तो 17 मार्च तक 1501 के सापेक्ष 369 आवेदन स्वीकृत हुए हैं। जबकि ऋण वितरण मात्र 187 युवाओं को हो सका है।