- सुहागनगरी में प्रदूषण का मानक कम करने को नीरी ने दिए थे सुझाव
- टीटीजेड से आदेश मिलने के बाद प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड सभी इकाइयों को जारी करेगा नोटिस
सुहागनगरी में वायु प्रदूषण कम करने के लिए सभी कांच इकाइयों में एयर पॉल्यूशन कंट्रोल डिवाइस लगवाई जाएंगी। टीटीजेड से आदेश मिलने के बाद प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड डिवाइस लगवाने के लिए जल्द सभी इकाइयों को नोटिस जारी करेगा।
सुहागनगरी में बढ़ते प्रदूषण को लेकर कांच उद्योग के खिलाफ लंबे समय से शिकायतें हो रही हैं। बढ़ते प्रदूषण को लेकर आए दिन होने वाली शिकायतों से उद्योग जगत मुश्किल में है। प्रदूषण के वास्तविक कारणों की जांच के लिए नेशनल इनवायरमेंटल रिसर्च सेंटर (नीरी) नागपुर द्वारा कराई गई विस्तृत जांच में स्पष्ट है कि कांच उद्योग से ताजमहल को खतरा नहीं है। वहीं वास्तविक प्रदूषण के लिए सड़कों में उड़ती धूल, धुआं उगलते जेनरेटर, हाइवे पर फर्राटा भरते वाहनों को बताया गया है। उद्योग से होने वाला प्रदूषण का प्रतिशत काफी कम है। नीरी ने हाईटेक उपकरणों के माध्यम से जुटाए वायु प्रदूषण के आंकड़ों पर आधारित 125 पेज की विस्तृत रिपोर्ट जिला प्रशासन और उद्योग विभाग को सौंप दी है। इसमें उद्योग से होने वाले प्रदूषण के ग्राफ को कम करने के लिए सुझाव दिए गए हैं। इसमें सबसे महत्वपूर्ण सुझाव सभी कांच इकाइयों में एयर पॉल्यूशन कंट्रोल डिवाइस लगवाना है। नीरी की विस्तृत रिपोर्ट प्राप्त होने के पांच माह बाद भी प्रदूषण नियंत्रण अभी तक इस दिशा में कोई पहल नहीं कर सका और न हीं उद्यमियों ने अपनी ओर से कोई प्रयास किए।
अब एनजीटी व टीटीजेड में लगातार मामला बढ़ता जा रहा है। ऐसेे में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड भी नीरी के सुझावों पर अमल करने की तैयारी कर रहा है। प्रदूषण विभाग के अफसरों को टीटीजेड से आदेश मिलने का इंतजार है। टीटीजेड से आदेश मिलते ही प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा सभी 200 कांच इकाइयों को नोटिस जारी किए जाएंगे।
सुहागनगरी में बढ़ते प्रदूषण को कम करने के लिए नीरी द्वारा सभी इकाइयों में एयर पॉल्यूशन कंट्रोल डिवाइस लगाने का सुझाव दिया गया है। टीटीजेड से आदेश मिलते ही सभी इकाइयों को नोटिस जारी कर जल्द डिवाइस लगवाने के प्रयास किए जाएंगे।
डा. विश्वनाथ शर्मा
प्रभारी अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड
इस तरह से काम करेगी डिवाइस
नीरी द्वारा जिस एयर पोल्यूशन कंट्रोल डिवाइस को लगाने का सुझाव दिया है, इससे परिवेशीय वायु गुणवत्ता में सुधार होगा। सभी उद्यमियों को चिमिनियों के ऊपर इस डिवाइस को लगाना है, जिससे उद्योग से होने वाले पोल्यूशन के ग्राफ में कमी आएगी। डिवाइस स्थापित होने के बाद पीएम-10 के साथ एसओ-टू व एनओ-टू का मानक भी घटेगा। हालांकि नीरी द्वारा की जांच में एनओ-टू (नाइट्रोजन डाई आक्साइड) व एसओ-टू (सल्फर डाई आक्साइड) राष्ट्रीय वायु गुणवत्ता परिवेशीय से कम पाए गए हैं।
स्टेंडर्ड मानक वर्तमान
आरएसपीएम - 60 251
एसओ-2 20 9
एनओ-2 30 35