फिरोजाबाद। लंबे समय से मंदी की मार झेल रहे कांच और चूड़ी उद्योग के लिए शादी-सहालग का सीजन संजीवनी बनकर आया है। घरेलू बाजारों में बढ़ती मांग के कारण कारोबारियों के चेहरों पर मुस्कान लौट आई है। पिछले तीन-चार महीनों से ऑर्डरों की कमी और पुराने स्टॉक के जमा होने से बाजार सुस्त था, लेकिन बीते पखवाड़े से स्थिति में बड़ा सुधार हुआ है। कारोबारियों को इस सीजन में 10 करोड़ रुपये से अधिक के व्यापार की उम्मीद है।
शादी और मांगलिक कार्यक्रमों में उपहार देने के लिए पुटिंग सेट, बाउल सेट, डिनर सेट, टी एंड सूप कप, जूस जार और कांच की मूर्तियों के भरपूर ऑर्डर मिल रहे हैं। फैंसी ग्लास डेकोरेटर्स एसोसिएशन के संदीप चतुर्वेदी के अनुसार, सजावटी आइटमों के चलन ने इकाइयों की सुस्ती दूर कर दी है।
चूड़ी गोदामों में बढ़ी खनक
बाजार में रंग-बिरंगी चूड़ियों के साथ-साथ श्री लक्ष्मी, सुहागिन, झुमकी, कुंदन और जरकन जैसे डिजाइन वाले पंचेली कड़ा सेट की मांग तेज है। चूड़ी कारोबारी हिमांशु पाराशर का कहना है कि पूर्वी उत्तर प्रदेश से अच्छी डिमांड है और यह बूम अप्रैल तक रहने की उम्मीद है।
देशभर की मंडियों से मिल रहे ऑर्डर शहर की चूड़ियों के लिए दिल्ली, बेंगलुरु, वाराणसी, हैदराबाद, जबलपुर, राजस्थान, चंडीगढ़, बिहार, कोलकाता, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, पंजाब और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों की मंडियों से बड़े स्टॉकिस्ट सक्रिय हो गए हैं।