शासन-प्रशासन की वादाखिलाफी को लेकर भारतीय किसान यूनियन भानु ने पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत शुक्रवार को हाईवे सहित कई मार्गों पर जाम लगाया। इस दौरान जाम में फंसे लोगों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा।
बिजली, पानी और सड़क की समस्याओं के समाधान को लेकर भारतीय किसान यूनियन भानु द्वारा चार माह से प्रदेश कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया जा रहा था। एक माह पूर्व एटा व फीरोजाबाद के प्रशासनिक अधिकारियों ने धरना स्थल पर पहुंचकर किसानों की समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया लेकिन वह पूरा नहीं हो सका। इससे आक्रोशित भाकियू भानु ने तीन जून को रेल व सड़क यातायात ठप करने का ऐलान किया था। हालांकि प्रशासन ने इस आंदोलन को टालने का प्रयास किया, लेकिन किसान नहीं माने। शुक्रवार को भाकियू भानु के राष्ट्रीय अध्यक्ष भानुप्रताप सिंह भानु के आह्वान पर प्रदेशव्यापी चक्का जाम शुरू हो गया। सुबह साढ़े नौ बजे प्रदेश कार्यालय इमलिया टूंडला-एटा रोड पर प्रदेश अध्यक्ष ओमप्रताप सिंह के नेतृत्व में जाम लगा दिया गया। एनएच-टू आगरा-फीरोजाबाद पर भी जाम लगाया गया। इस दौरान यात्रियों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ा। लगभग तीन घंटे के जाम के बाद भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष भानु प्रताप सिंह भानु के कहने पर जाम खोल दिया गया। तब जाकर प्रशासन ने राहत की सांस ली।
रेल का चक्का नहीं कर सके जाम
टूंडला। प्रदर्शनकारियों ने पूर्व में सड़क के साथ रेल का चक्का जाम करने का भी एलान किया था लेकिन फोर्स के चलते किसान रेलवे स्टेशन तक नहीं पहुंच सके।
प्रदर्शनकारियों से दस गुना अधिक था फोर्स
टूंडला। मथुरा में हुए बवाल को लेकर प्रशासन सतर्क रहा। किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पीएसी, चारों थानों का पुलिस फोर्स तैनात रहा। टूंडला हाईवे पर जाम के दौरान आंदोलनकारी किसानों से करीब 10 गुना पुलिस फोर्स तैनात किया गया।
इस बात से नाराज थे किसान नेता
टूंडला। किसान नेता मुख्यमंत्री से 21 सदस्यीय टीम के साथ मिलना चाहते थे, जबकि अधिकारियों ने मात्र तीन किसान नेताओं के मिलने का कार्यक्रम दिया था।
एसडीएम को दिया ज्ञापन
टूंडला ब्यूरो। जाम खुलने के बाद भानु प्रताप सिंह ने मुख्यमंत्री के नाम उपजिलाधिकारी एसपी सिंह को ज्ञापन दिया। मांग की गई कि 60 वर्ष से अधिक उम्र के किसानों को पेंशन दी जाए। कृषि आयोग का गठन किया जाए। बीमा दुर्घटना के तहत दस लाख रुपये दिए जाएं। टीटी जेड क्षेत्र में 24 घंटे बिजली आपूर्ति दी जाए। किसानों के कर्जे माफ किए जाएं। प्रदेश अध्यक्ष ओम प्रताप सिंह, मंडल अध्यक्ष डा. रामगोपाल, भूपेंद्र सिंह भोला, होडल सिंह, हुतेंद्र प्रताप सिंह, प्रणव बृजवासी, हर्ष कुमार, राजेंद्र सिंह, अरविंद पाल सिंह, प्रेम सिंह, कमलेश कुमार आदि प्रमुख रूप से थे।