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मोहब्बत की कहानी में दो परिवारों का अंत

Wed, 25 Mar 2015 11:27 PM IST
ब्यूरो अमर उजाला फीरोजाबाद
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 रामगढ़ क्षेत्र के मोहल्ला छपरिया में पांच वर्ष पूर्व प्रेम प्रसंग को लेकर दो परिवारों के बीच शुरू हुई रंजिश का अंत इतना खौफनाक होगा, इसके बारे में किसी ने नहीं सोचा होगा। बहन के प्यार से खफा राजू कातिल बन गया।
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रामगढ़ के आकाशवाणी रोड पर एक गली में बसे मोहल्ला छपरिया में राजू और नवी आलम का घर कुछ ही दूरी पर है। नवी आलम के भाई नूर आलम ने पांच वर्ष पूर्व राजू की बहन सुकराना से कोर्ट मैरिज कर ली थी। यह बात राजू को नागवार गुजरी और नूर आलम से रंजिश मानने लगा। इसी रंजिश के चलते 22 मार्च 2012 को नूर आलम की हत्या कर दी गई। मृतक के भाई मोहम्मद आलम ने बंटी, चुन्ना और रवि को नामजद किया गया था। नूर आलम की हत्या का बदला लेते हुए राजू के भाई चुन्ना की 15 अक्तूबर 2012 को गोली मारकर हत्या कर दी गई। पुलिस ने हसीना पत्नी चुन्ने खां निवासी कोठीनवी गंज की तहरीर पर मोहम्मद आलम के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया। भाई की हत्या का बदला लेने के लिए सात मार्च 2014 को राजू ने अपने साथी सकरुउद्दीन निवासी छपरिया मोहल्ले के साथ मोहम्मद आलम की गोली मारकर हत्या कर दी।

नवी आलम ने राजू और सकरुउद्दीन के खिलाफ रामगढ़ थाने में मामला दर्ज करा दिया। तो राजू शहर छोड़कर फरार हो गया। बुधवार को राजू ने नवी आलम और नवी के परिवारीजनों ने राजू की हत्या कर दोनों परिवारों को अंत कर दिया।
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सरेंडर करने आया था राजू
थानाध्यक्ष रामगढ़ का कहना है कि राजू मोहम्मद आलम हत्याकांड कांड में न्यायालय में आत्मसमर्पण करने के लिए दो दिन पूर्व ही घर आया था। लेकिन इससे पूर्व उसकी हत्या कर दी गई। राजू की मां जयतोन की तहरीर पर नवी आलम के बहनोई फुरकान और शीवान के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। वहीं फुरकान की तहरीर पर राजू के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने फुरकान को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया था। इसके विरोध में जब नवी के परिजनों ने जाम लगाया तो पुलिस ने फुरकान को छोड़ दिया।

भीड़ में रोका गया राजू का शव
छपरिया मोहल्ले से पुलिस राजू के शव को ठेल पर चारपाई पर रखकर जाटवपुरी चौराहा पर पहुंची थी, तभी राजू पक्ष के लोगों ने शव अस्पताल ले जाने का विरोध किया। लेकिन वहां पहले से मौजूद कोतवाल दक्षिण ने लोगों को समझा बुझाकर शव को पीएम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया।
 
दोनों को लगी थी गोली
राजू की सीने और सिर में गोली लगी थी, जबकि नवी आलम के पेट में गोली लगने से मौत हुई। पुलिस ने देर शाम शवों का पीएम कराते हुए परिवारीजनों के सुपुर्द कर दिया।
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