स्वास्थ्य सुविधाओं की हकीकत को जानने के लिए प्रमुख सचिव चिकित्सा अरविंद कुमार और डायरेक्टर जनरल हेल्थ विजयी लक्ष्मी ने जिले का दौरा किया। जिला अस्पताल में किए निरीक्षण में प्रमुख सचिव को कोई कमी नजर नहीं आईं। खास बात यह रही की जिला अस्पताल में इमरजेंसी से लेकर ओपीडी तक में अन्य दिनों की अपेक्षा मरीजों की संख्या ना के बराबर रही। जहां घायल मरीजों को जमीन पर लेटाकर इलाज दिया जाता था वहां नई चादरें और तकिया दिए गए।
प्रमुख सचिव करीब सुबह 11.30 बजे जिला अस्पताल का निरीक्षण करने पहुंचे। इमरजेंसी का निरीक्षण किया। वहां सिर्फ दो मरीज ही भर्ती थे। इसके बाद प्रमुख सचिव दवा स्टोर में निरीक्षण करने के लिए गए। स्टॉक रजिस्टर देखा। जनरल वार्ड में मालती देवी से पूछा कि चिकित्सक दवा बाहर से तो नहीं मंगाते हैं। मरीज लक्ष्मी से डाक्टरों के आने-जाने के बारे में पूछा। मरीजों ने भी सब कुछ ओके बताया। प्रमुख सचिव ब्लड बैंक, ओटी के साथ लैब में भी निरीक्षण करने के लिए पहुंचे। वहां उपकरणों में कमियां मिलने पर डीएम को प्रस्ताव बनाकर भेजने के निर्देश दिए। जिला अस्पताल के निरीक्षण के बाद महिला अस्पताल की ओर रुख किया। प्रसूताओं से आशा, एएनएम के बारे में जानकारी ली। जेएसवाई योजना के बारे में पूछताछ की। ओटी में भी उपकरणों की जानकारी हासिल की। महिला अस्पताल में साफ-सफाई की व्यवस्थाएं अन्य दिनों की अपेक्षा निरीक्षण के दौरान काफी अच्छी मिलीं। अस्पताल परिसर में हो निर्माण कार्यों को भी परखा। जिलाधिकारी विजकिरन आनंद, एडी चिकित्सा एसएच धानु से लेकर पूरा प्रशासनिक अमला निरीक्षण के दौरान मौजूद रहा।
सिरसागंज स्वास्थ्य केंद्र का किया निरीक्षण
प्रमुख सचिव ने सिरसागंज स्वास्थ्य केंद्र का भी निरीक्षण किया। स्वास्थ्य केंद्र पर मेडीशन स्टॉक रजिस्टर अधीक्षक द्वारा प्रमाणित नहीं किया गया था। जिस पर फटकार लगाई। महिला चिकित्सक नहीं थी। एक छुट्टी पर थीं तो दूसरी ट्रेनिंग पर।
अस्पताल में उपकरणों की है कमीं
निरीक्षण करने के बाद प्रमुख सचिव चिकित्सा अरविंद कुमार ने कहा कि अस्पताल में सभी सुविधाएं अच्छी मिलीं। किसी भी चिकित्सक की कोई शिकायत नहीं आई। उपकरणों का अभाव मिला। वार्ड में सुविधाएं बढ़ाने की जरूरत है। डीएम को निर्देशित कर दिया है कि जल्द बजट बनवाकर भेजें। उन्होंने कहा कि डिजीटल मशीन जल्द भेज दी जाएगी। अल्ट्रासाउंड के लिए डाप्लर मशीन भेज दी जाएगी। 102 और 108 एंबुलेंस के प्रति लोग जागरूक हुए हैं। करीब 50 प्रतिशत एंबुलेंस और भेज दी जाएंगी।
ऑपरेशन थियेटर में नियम भूले
जिला अस्पताल में निरीक्षण करने पहुंचे चिकित्सा सचिव ऑपरेशन थियेटर में जूता पहनकर घुस गए। जबकि ओटी के बाहर गेट पर जूता, चप्पल का प्रवेश वर्जित लिखा है। प्रमुख सचिव ही नहीं डीएम, डायरेक्टर जनरल हेल्थ, सीएमएस ने भी नियमों को ताक पर रख दिया।