शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) जिले के 13 केंद्रों पर हुई। दो पालियों में आयोजित परीक्षा में हजारों की संख्या में परीक्षार्थी शामिल हुए। सख्ती से परीक्षा कराई गई।
टीईटी परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। पहले पाली में पंजीकृत 8108 परीक्षार्थियों में से 7449 परीक्षार्थी परीक्षा देने आए। वहीं, दूसरी पाली में पंजीकृत कुल 4557 परीक्षार्थी थे। तिलक इंटर कालेज में परीक्षा एक पाली में सख्ती के साथ हुई। सघन चेकिंग के बाद छात्र छात्राओं को एंट्री दी गई। परीक्षार्थी आधा घंटे बाद भी केंद्रों पर पहुंचते रहे। उन्हें वापस कर दिया गया। कई परीक्षार्थियों के चेहरे खिलते दिखे तो प्रश्न पत्र देखकर कईयों के चेहरों पर निराशा छा गई। वहीं, दाऊदयाल गर्ल्स इंटर कालेज में प्रधानाचार्या अंजुमा रियाज की देखरेख में परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। चार दर्जन परीक्षार्थियों ने परीक्षा छोड़ी। गोपीनाथ इंटर कालेज में प्रधानाचार्य डा अजय सिंह के निर्देश में परीक्षा हुई। डायट प्राचार्य राघवेंद्र वाजपेयी एवं सदर तहसीलदार कांताप्रसाद ने परीक्षा केंद्रों का जायजा लिया। पीडी जैन इंटर कालेज में प्रधानाचार्य मुकेश शर्मा ने कक्षों का निरीक्षण किया। एमजी गर्ल्स इंटर कालेज में सुबह एवं दोपहर की पाली में परीक्षा हुई। इधर, इस्लामियां इंटर कालेज में भी दोनो पालियों में परीक्षा संपन्न कराई गई। वहीं, शिकोहाबाद के पाली इंटर कालेज, एके इंटर कालेज, बीडीएम कालेज में परीक्षा संपन्न हुई।
परीक्षार्थियों के मोबाइल खोए
मोबाइल परीक्षा केंद्र पर प्रतिबंधित कर दिया था। इसलिए गेट पर मोबाइल जमा करा लिए गए थे। कई छात्र-छात्राओं के मोबाइल खो गए। लेकिन पहले ही कालेज ने मोबाइल की सुरक्षा से पल्ला झाड लिया था तो छात्र छात्राओं को निराश होकर वापस लौटना पड़ा।
परीक्षा लौटते परीक्षार्थियों से बातचीत
- शीलेश कुमार ने कहा कि साइक्लोजी थोडी कठिन थी। बाकि पेपर अच्छा हुआ। अब तो अच्छे रिजल्ट की उम्मीद हैं।
- अमित बाबू ने कहा कि मैथ बहुत कठिन लगा। बाकि प्रश्न बहुत थे। उन्हें फटाफट हल कर दिए।
- छात्रा आशी का कहना है कि सांइस के प्रश्न अच्छे थे। लेकिन मैथ ने मूड आफ कर दिया।
- छात्रा नीतू ने कहा कि पेपर के प्रश्न काफी सरल थे। दो, चार प्रश्नों को छोड दें तो पेपर सरल आया था।
पेपर लीक होने की फैली अफवाह
पेपर लीक होने की अफवाह शहर में फैल गई। लोग सच्चाई जानने के लिए एक दूसरे को फोन लगाने लगे। अधिकारियों को भी फोन लगाए। लेकिन बाद में पता चला कि ये अफ वाह मात्र है।