कैशलेस हुई बैंक, उपभोक्ता परेशान
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नोटबंदी ने लोगों को परेशान कर दिया है। लोगों पर खर्चे तक को पैसा नहीं और बैंकों के खजाने खाली हो चुके हैं। जिले में गिनीचुनी बैंक शाखाएं ही हैं जिनमें कैश है। जहां पर कैश है वहां पर लंबी-लंबी लाइनें लगी नजर आ रही हैं।
नोटबंदी को 41 दिन हो चुके हैं, लेकिन न तो बैंकों की लाइनें कम हो रही हैं और न ही लोगों की समस्याएं। अब तो हालात यह हो गए हैं कि बैंकों में पैसा ही नहीं आ रहा। सोमवार को गिनीचुनी बैंक शाखाओं में ही पैसा आया। बैंकों में कैश न होने से उपभोक्ताओं में नाराजगी जताई। कैश न मिलने पर पीएनबी सुहाग नगर पर ग्राहकों ने हंगामा किया। ओरियंटल बैंक के प्रबंधक एजे सिंह ने बताया कि कैश की कमी के कारण उपभोक्ताओं को तीन हजार रुपये दिए गए। बैंक में आपाधापी रही। सेंट्रल बैंक में कैश नहीं था, इसलिए ग्राहकों को वापस लौटना पड़ा। सुहागनगर स्थित इंडियन बैंक में चार हजार रुपये निकालने के लिए उपभोक्ताओं को लिमिट दी गई। एमजी कालेज स्थित पीएनबी शाखा के प्रबंधक ने बताया कि 24 हजार रुपये बांटे गए।
नो कैश का बोर्ड देखकर भड़के उपभोक्ता
पीएनबी बैंक सुहागनगर में दोपहर 12 बजे तक कैश का वितरण हुआ। इसके बाद नो कैश का बोर्ड लगा दिया। उपभोक्ता भड़क गए। बैंक मैनेजर पर आरोप लगाए कि उन्होंने अपने चहेतों को पर्याप्त कैश दिया है। मगर सुबह से लाइनों में लगे उपभोक्ताओं को वापस लौटा दिया।