- कोर्ट में गवाहों ने पलटे अपने बयान
संवाद न्यूज एजेंसी
फिरोजाबाद। एडीजे कोर्ट ने दहेज हत्या के एक मामले में शुक्रवार को फैसला सुनाते हुए आरोपी पति, सास और ससुर को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया है। अदालत ने यह फैसला मुख्य गवाहों के अपने बयानों से पलटने और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर सुनाया।
मामला थाना अरांव क्षेत्र के ग्राम नगला हीरामन का है। शिवकुमार निवासी नगला भगिया, थाना घिरोर ने 4 अगस्त 2024 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप था कि उन्होंने अपनी बहन वर्षा (23) की शादी 9 मई 2022 को सोमवीर उर्फ दिलीप कुमार के साथ की थी। आरोप था कि ससुराल पक्ष के लोग मोटरसाइकिल की मांग को लेकर वर्षा को प्रताड़ित करते थे। इसी के कारण 4 अगस्त 2024 को उसकी गला घोंटकर हत्या कर दी गई। पुलिस ने मृतका के पति सोमवीर उर्फ दिलीप कुमार, ससुर रामौतार और सास सुषमा देवी उर्फ कुशमा निवासीगण नगला हीरामन, थाना अरांव के विरुद्ध मामला दर्ज किया था। सुनवाई के दौरान मामला तब पलट गया जब वादी शिवकुमार (भाई), मुन्नी देवी (माता) और दीवान सिंह (पिता) अदालत में अपने पिछले आरोपों से पूरी तरह मुकर गए। उन्होंने कोर्ट में बयान दिया कि वर्षा ससुराल में खुश थी और कभी दहेज की मांग नहीं की गई। पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर शैलेंद्र प्रताप सिंह ने गवाही दी कि मृतका के शरीर पर चोट के कोई निशान नहीं थे और मौत का कारण दम घुटना था, जो फंदे पर लटकने की वजह से हुआ था। अदालत ने गवाहों के मुकरने और चिकित्सा साक्ष्यों को देखते हुए पति सोमवीर, सास सुषमा देवी और ससुर रामौतार को सभी आरोपों से बरी करने का आदेश दिया।