नगर निगम कार्यालय पर भले ही पूरे शहर की गंदगी साफ करने का जिम्मा है लेकिन नगर निगम खुद के कार्यालयों में ही स्वच्छता का संदेश नहीं दे पा रहा है। नगर निगम के वर्कशॉप में 10 साल से अधिक पुराने कंडम वाहन पड़े हैं तो कंडम रिक्शे, डस्टबिन और अन्य सामान भी भंगार में पड़ा है। वहीं निगम में वर्षों से खराब पड़े जेनरेटर सेट और खोखे तक रखे हैं, जिनका प्रयोग तक नहीं होता है। पूर्व सभासदों ने कंडम सामान की नीलामी को कई बार प्रयास किए, परंतु नगर निगम प्रशासन द्वारा आजतक कंडम सामान की नीलामी नहीं की गई। वर्कशॉप के अंदर भी गंदगी का आलम है। नगर निगम के लेखा विभाग में पड़ा रिकार्ड धूल फांक रहा है। प्रकाश विभाग व स्वास्थ्य विभाग, निर्माण विभाग व जीवाराम हॉल में बनी केबिलें के बाहर की दीवारें पीक से लाल हो रही हैं।
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यहां तो खानापूरी तक सिमट कर रह गया स्वच्छता अभियान
प्रदेश में योगी सरकार आने का असर विद्युत विभाग पर भी हुआ लेकिन एक दिन बाद ही बेअसर हो गया। दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के सर्किल कार्यालय सहित शहर और ग्रामीण डिविजन के कार्यालय में अफसरों द्वारा विशेष स्वच्छता अभियान चलाया गया था। एसई, एक्सईएन, जेई और कर्मचारी हाथों में झाड़ू और फावड़ा थामकर सफाई करते नजर आए। वहीं शुक्रवार को पूरे कार्यालय में कहीं स्वच्छता अभियान का असर नहीं दिखा। दक्षिणांचल कार्यालय के दोनों मुख्य गेटों पर कूड़े के ढेर लगे थे। गेट के ठीक सामने गंदा पानी भरा था। शहर प्रथम एक्सईएन कार्यालय को जाने वाले जीने की दीवारें पीक से लाल हो रही थीं। ग्रामीण एक्सईएन कार्यालय के मुख्य गेट पर ही गमला पीक से लाल नजर आया। कार्यालय म%