फिरोजाबाद। शहर में 14 अक्तूबर से शुरू हुई शिवमहापुराण की कथा का वर्णन प्रसिद्ध कथा वाचक पं. प्रदीप मिश्रा कर रहे हैं। आयोजकों ने कार्यक्रम तो आयोजित कर दिया, लेकिन श्रद्धालुओं के हिसाब से बेहतर व्यवस्था नहीं कर सके। भारी भीड़ उमड़ने से हजारों की संख्या में लोगों को पंडाल में जगह नहीं मिल सकी। लोग धूप में कथा सुनने को मजबूर हुए। वहीं भारी भीड़ होने के कारण भीड़ में दबने से एक बच्ची सहित तीन की हालत बिगड़ गई। तीनों को आनन-फानन में सरकारी एंबुलेंस से ट्राॅमा सेंटर लाया गया। जहां उनका उपचार जारी है। जरौली कलां में शिवमहापुराण की कथा का आयोजन किया गया है। आयोजकों ने फिरोजाबाद की एक चौथाई भीड़ के हिसाब से ही पंडाल बनवाया था, लेकिन कथा के दूसरे दिन ही आयोजकों की सभी व्यवस्थाएं धूल में मिल गईं। कथा सुनने के लिए आसपास के जिलों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंच गए। करीब डेढ़ लाख श्रद्धालुओं की भीड़ मंगलवार को कथा सुनने के लिए पहुंची थी। जबकि पंडाल महज 50 हजार लोगों के बैठने के हिसाब से बनाया गया था। इसके कारण करीब तीन गुना भीड़ पंडाल के बाहर थी।
अधिक भीड़ में दबने से हिमांयुपुर निवासी संध्या तिवारी, रहना निवासी राधा की अचानक हालत बिगड़ गई। दोनों बेहोश हो गईं। दोनों को एंबुलेंस से सरकारी ट्राॅमा सेंटर भेजा गया। इसके कुछ देर बाद ही गांधी नगर निवासी अनिल की आठ वर्षीय बच्ची कृतिका को सांस लेने में दिक्कत और सीने में तेज दर्द की दिक्कत होने लगी। परिजन आनन-फानन में उसे सरकारी ट्राॅमा सेंटर लेकर पहुंचे। जहां चिकित्सकों ने उन्हें भर्ती कर लिया है।
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भीड़ में गिरकर दो महिलाएं घायल
कथा के दूसरे दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ पंडाल में उमड़ी थी। कथा सुनने के लिए दूरदराज से भी श्रद्धालु यहां आए थे। अधिक भीड़ होने के कारण दो महिलाएं धक्का लगने से गिर गई और चोटिल हो गईं। मथुरा से आई श्यामवती और झांसी से आईं सुनैना को चोट आई। कथास्थल पर लगे स्वास्थ्य शिविर में दोनों को उपचार दिया गया।