श्रमिकों के बिना मांग पत्र दिए हड़ताल पर चले जाने से ब्लोइंग के दो दर्जन कारखानों में भट्टियां ठंडी पड़ गईं हैं। मंगलवार को भी श्रमिक कार्य पर न पहुंचने के कारण कारखानों में सन्नाटा पसरा रहा। उत्पादन न होने से सेवायोजकों के साथ-साथ एक्सपोर्टर की चिंता बढ़ गई है।
मजदूरी बढ़ाने की मांग करते हुए सोमवार को नगला भाऊ से राजा का ताल तक दो दर्जन ब्लोइंग के कारखानों में कार्यरत श्रमिकों ने औजार छोड़कर आंदोलन की राह पकड़ ली। श्रमिकों के कार्य बहिष्कार करने से कारखानों में उत्पादन पूरी तरह से बंद हो गया है। श्रमिकों के कार्य बहिष्कार के बाद सेवायोजकों ने भी एकजुट होकर फैक्ट्रियां चलाने में असमर्थता जताते हुए भट्टियों के बर्नर बंद कर दिए। सेवायोजकों ने कहा कि अनिश्चितता के माहौल में भट्टियों को गर्म रखना संभव नहीं है।
गतिरोध दूर करने को एएलसी ने आज बुलाई त्रिपक्षीय वार्ता
उद्योग जगत में उत्पन्न हुए गतिरोध को दूर करने के लिए सहायक श्रमायुक्त राजेश मिश्रा ने दोनों पक्षों की समझौता वार्ता बुधवार दोपहर 12 बजे कार्यालय में बुलाई है। वार्ता में यूपीजीएमएस व कांच उद्योग क्रांतिकारी मजदूर संघ के पदाधिकारी मौजूद रहेंगे।
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श्रमिकों की ये हैं डिमांड
श्रमिकों के नाम फार्म नं. 12 में अंकित किए जाए, प्रतिदिन हाजिरी रजिस्टर पर दर्ज की जाए।
श्रमिकों को हाजिरी कार्ड व परिचय पत्र प्रदान किए जाएं
महंगाई को देखते हुए सभी श्रेणी के श्रमिकों को सरकार द्वारा घोषित न्यूनतम वेतन का भुगतान किया जाए
श्रमिकां को मासिक वेतन स्लिप दिलाई जाए, वेतन में प्रति दर्जन 18 प्रतिशत की वृद्धि की जाए
श्रमिकाें को ईएसआईसी का सदस्यता कार्ड प्रदान किया जाए
श्रमिकाें को कर्मचारी भविष्य निधि संगठन की स्लिप कोड नंबर प्रदान किया जाए
श्रमिकों को राष्ट्रीय त्योहार व राष्ट्रीय पर्वों पर सवेतन अवकाश दिया जाए।