सुहागनगरी के थानों में होने वाली प्रत्येक गतिविधि मुख्यालय पर बैठे पुलिस अधिकारियों की आंखों के सामने होगी। इसके लिए शासन के निर्देश के बाद जिले के प्रत्येक थाने में सीसीटीवी कैमरा लगाने का कार्य शुरू कर दिया गया है। वहीं पीड़ित थाने में खड़ा होकर सीसीटीवी कैमरे से ही पुलिस अधिकारियों तक पहुंच सकेगा।
जिले की हर गतिविधि को तीसरी आंख में कैद करने की कवायद के बाद अब शासन ने थानेदारों के साथ पुलिस अधिकारियों पर भी शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। इसके लिए क्षेत्राधिकारियों के कार्यालय के साथ जिले के प्रत्येक थाने में सीसीटीवी कैमरे लगवाए जा रहे हैं। शुक्रवार को दोपहर तक सिटी सर्किल के चारों थानों में कैमरा लगा दिए गए थे, वहीं देहात और अन्य थानों में कैमरे लगाने का क्रम जारी है।
विभागीय सूत्रों की मानें तो सीसीटीवी कैमरे की मॉनीटरिंग जिला मुख्यालय पर बने कंट्रोल रूम से होगी। वहीं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्यालय, कैंप कार्यालय और आवास पर भी जिले के प्रत्येक थाने की निगरानी कर सकेंगे। इसके साथ ही पुलिस अधिकारी और थानेदार कंट्रोल रूम को न तो गलत सूचना दे सकेंगे और न ही समस्याओं को लेकर थाने पहुंचने वाली भीड़ से पुलिस थानेदार अथवा पुलिसकर्मी अभद्रता कर सकेंगे।
थानेदारों को देना होगा हिसाब
राजनीतिक पार्टियों से जुड़े पदाधिकारियों के थाने आने का कारण भी थानेदारों को पुलिस अधिकारियों को देना होगा। इससे तस्वीर साफ होगी कि किस राजनीतिक पार्टी का पदाधिकारी कितनी देर थाने पर मौजूद रहा और उसके आने का मकसद क्या रहा?