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Firozabad News: ठाकुर मोहन सिंह ने अंग्रेजी फौज के छुड़ाए थे छक्के

Sun, 10 Aug 2025 11:23 PM IST
आगरा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
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स्वतंत्रता संग्राम सेनानी ठाकुर मोहन सिंह । - फोटो : कासगंज जाने के लिए स्टैंड के बाहर सड़क पर बस का इंतजार करते यात्री।
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फिरोजाबाद। नारखी ब्लॉक के बरतरा गाँव के रहने वाले स्वतंत्रता संग्राम सेनानी ठाकुर मोहन सिंह ने देश की आजादी के लिए बहादुरी से संघर्ष किया। उन्होंने अंग्रेजों के सामने कभी हार नहीं मानी और कई बार जेल गए। उनके पोते विनय प्रताप सिंह ने बताया कि युवावस्था में ही वे कोलकाता में आजादी के आंदोलन में शामिल हो गए थे।
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ठाकुर मोहन सिंह का जन्म 15 मार्च 1909 को हुआ था। 1929 में वे कोलकाता गए और कांग्रेसियों के साथ मिलकर आंदोलन की योजना बनाने लगे। 26 जनवरी 1930 से उन्होंने आंदोलन को आगे बढ़ाया। मई 1930 में, नमक आंदोलन के दौरान, उन्हें कोलकाता के मछुआ बाजार में नमक बेचते हुए अंग्रेजों ने गिरफ्तार कर लिया।
एक बार जब ब्रिटिश सेना ने प्रदर्शनकारियों पर घोड़ों से हमला किया, तो ठाकुर मोहन सिंह ने बहादुरी से उनका मुकाबला किया। वे महात्मा गांधी के नमक सत्याग्रह से भी जुड़े थे। इसके अलावा, 8 मार्च 1932 को एक और प्रदर्शन के दौरान उन्हें गिरफ्तार किया गया और छह महीने की जेल की सजा सुनाई गई। आजादी मिलने के बाद भी, ठाकुर मोहन सिंह शांत नहीं बैठे। उन्होंने स्वतंत्रता सेनानियों के हक के लिए संघर्ष जारी रखा। 1961 में वे कोटला सहकारी संघ के अध्यक्ष और 1962 में कोटला ब्लॉक के प्रमुख चुने गए। उनका जीवन संघर्ष और देशभक्ति का प्रतीक है, जिन्होंने जीवन भर कभी झुकना नहीं सीखा।
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