पुलिसकर्मी के परिवार के सदस्यों द्वारा मंदिर और विधवा के विकलांग पुत्र की जमीन पर कब्जा किए जाने को लेकर ग्रामीणों ने जमकर हंगामा किया। जिलाधिकारी से जमीन से कब्जा हटवाए जाने की मांग की है। चेतावनी दी है कि न्याय नहीं मिला तो ग्रामीण सामूहिक आत्मदाह जैसा कदम उठाने को मजबूर होंगे।
नगला बीच रिपोर्टिंग पुलिस चौके के पीछे ग्राम सभा की जमीन पर शिव मंदिर बना हुआ है। शिव मंदिर से जुड़ी लगभग चार-पांच बीघा जमीन है। इसमें पहले गौशाला थी। आरोप है कि इस जमीन पर पुलिसकर्मी हरीकिशन उर्फ राधा मोहन, विजय व राधा ने बाउंड्रीवाल लगाकर कब्जा कर लिया है। ग्रामीणों ने विरोध किया तो उन्हें धमकी दी गई। यही नहीं उक्त लोग विधवा के विकलांग पुत्र के नाम से दर्ज करीब पांच बीघा जमीन पर भी कब्जा करना चाहते हैं। गुरुवार को ग्रामीण लामबंद हो गए और कब्जे का विरोध करते हुए हंगामा किया। ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिसकर्मी हरीकिशन के परिवार में तीन लोग पुलिस की नौकरी करते हैं। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से कब्जा हटवाए जाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि अगर जल्द ही न्याय नहीं मिला तो ग्रामीण सामूहिक आत्मदाह जैसा कदम उठाने को मजबूर होंगे। मांग करने वालों में रेशम पाल सिंह, सुरेशपाल सिंह, इराम प्रकाश सिंह, महेश चंद्र, छोटे लाल, मुरारी सविता, जितेंद्र सिंह, गवेंद्र सिंह, रामजी लाल, सुरेश गोस्वामी, जय प्रकाश राठौर, अमरदीप सिंह, दिनेश सविता, दया शंकर गुप्ता, सुनील कुमार गुप्ता, रिंकू गुप्ता, अवधेश गुप्ता, शिवकुमार गुप्ता आदि प्रमुख रूप से हैं।
शिवमंदिर बनवाना चाहती हैं जमीन स्वामी
विधवा कमला देवी, उदयवीर सिंह, छत्रपाल सिंह, ओसपाल और पप्पू आदि की जमीन खसरा खतौनी में दर्ज होने के बावजूद वह उसे नहीं लेना चाहते। उनका कहना है कि यदि उक्त जमीन पर सार्वजनिक शिव मंदिर बने तो उन्हें कोई हर्ज नहीं है।
पंचायत के बावजूद नहीं निकला हल
ग्रामीणों ने पुलिसकर्मी के परिवार के साथ कस्बे की रिपोर्टिंग पुलिस चौकी पर पंचायत कराई थी लेकिन पुलिसकर्मी उक्त जमीन पर अपना हक जताता है।