तहसील से दीवानी तक वकीलों की हड़ताल
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एसडीएम सदर रविंद्र मादंड का तबादला और अधिवक्ता व उसके पुत्रों के खिलाफ दर्ज मुकदमों को वापस लेने की मांग करते हुए जिला बार एसोसिएशन और तहसील बार एसोसिएशन के अधिवक्ता दूसरे दिन भी हड़ताल पर रहे। वहीं न्यायालय परिसर में अनिश्चित कालीन हड़ताल का नोटिस भी चस्पा कर दिया गया। इससे वादकारियों को न्यायालय से मायूस होकर लौटना पड़ रहा है।
जिला बार एसोसिएशन की बैठक का आयोजन बार अध्यक्ष धर्म सिंह यादव की अध्यक्षता में हुआ। बैठक को संबोतिध करते हुए बार अध्यक्ष ने कहा कि यदि हम लोग हड़ताल पर रहेंगे तो जेल में हमारे साथी अधिवक्ता और उनके पुत्रों की जमानत कैसे होगी। सभी अधिवक्ताओं को एक साथ बैठकर रणनीति बनाने की आवश्यकता है। इससे हड़ताल समाप्त होने के साथ ही जेल में बंद साथी अधिवक्ता और उनके पुत्रों की जमानत कराई जा सके। तहसील बार एसोसिएशन के धरने की अध्यक्षता कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता कुंवर सिंह परमार ने कहा कि जब तक अधिवक्ता और उनके पुत्रों पर दर्ज किए गए मुकदमे को वापस लेने तथा एसडीएम सदर का तबादला नहीं होता, वह हड़ताल समाप्त नहीं करेंगे। इसके लिए सभी अधिवक्ताओं ने प्रस्ताव भी पास कर दिया है। छह जून को एक गोपानीय बैठक बुलाई जाएगी। संचालन राकेश कुमार वर्मा ने किया। इस दौरान तहसील बार के अध्यक्ष रामवीर सिंह यादव, रैवेन्यू बार के अध्यक्ष मुनेशपाल सिंह, राजेंद्र बघेल, अतिवीर सिंह, अशोक शर्मा, श्रीकृष्ण यादव, मुन्नेश प्रजापति, योगेश कुमार आदि मौजूद थे।
बार की ओर से नहीं हुआ नोटिस चस्पा
अनिश्चितकालीन हड़ताल की न तो कोई घोषणा की गई है और न ही बार की ओर से कोई नोटिस बोर्ड पर चस्पा किया गया था। किसी व्यक्ति द्वारा इस तरह का नोटिस चस्पा कर गलत सूचना फैलाई जा रही है। न ही न्यायालय परिसर के गेट बंद किए गए थे। बुधवार को अधिवक्ता कार्य से विरत रहेेंगे या फिर कार्य करेंगे। यह निर्णय बुधवार को लिया जाएगा।
धर्म सिंह यादव, बार अध्यक्ष, फीरोजाबाद