संवाद न्यूज एजेंसी
फिरोजबाद। पुरानी मंडी निवासी शिक्षिका बाथरूम में कपड़े धोते हुए बेहोश होकर गिर पड़ीं। परिजन ने बाथरूम से शिक्षिका को बाहर निकाला। बेहोशी की हालत में उसे प्राइवेट ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया। चिकित्सक के मुताबिक, बाथरूम में लगे गैस गीजर से बनने वाली गैस के कारण शिक्षिका बेहोश हुई है।
पुरानी मंडी निवासी 30 वर्षीय अंजली देवनगर स्थित एक प्राइवेट स्कूल में शिक्षिक हैं। वह रविवार को छुट्टी होने के कारण बाथरूम में कपड़े धो रही थीं। काफी देर तक बाथरूम से बाहर नहीं निकली। परिजन ने आवाज दी।
जब अंदर से कोई हलचल सुनाई नहीं दी तो परिजन घबरा गए। परिजन ने बाथरूम में जाकर देखा तो शिक्षिका बेहोशी की हालत में थी। परिजन उन्हें प्राइवेट ट्रॉमा सेंटर ले गए। कई घंटे ऑक्सीजन देने के बाद शिक्षिका को होश आ गया।
पहले भी आ चुके हैं मामले :
न्यूरोसर्जन डा. निमित गुप्ता ने बताया कि पानी गर्म करने के लिए घरों में इस्तेमाल किए जाने वाले गैस गीजर हर साल खतरा बन रहे हैं। बीते वर्षों के रिकॉर्ड देखें तो हर साल चार से पांच लोगों की मौत हो जाती है।
इसके अलावा बेहोशी के मरीज भी गंभीरावस्था में आते हैं। बेहोशी होने पर लोग बाथरूम में गिर जाते हैं तो सिर में गंभीर चोट भी आ जाती है। बीते साल दो लोगों की मौत हुई थी, 60 गंभीर केस अस्पताल में भर्ती किए थे। इस साल यह दूसरा केस है।