फिरोजाबाद। आधुनिकता के साथ जांचें बढ़ रही हैं। बीमारियां भी अपना स्वरूप बदल रही हैं। अभी तक सिर्फ फेफड़ों में टीबी होने के केस सामने आ रहे थे। अब दिमागी और रीढ़ की हड्डी को भी टीबी रोग चपेट में ले रही है।
खास बात है कि शुरुआती लक्षण में ये मरीज साधारण सिर दर्द या पीठ दर्द मानकर दवाएं खाते रहे। इसके बाद परेशानी ज्यादा बढ़ने पर जांच कराई तो टीबी निकली। जिले में हर साल 20 से 25 मामले जनपद में सामने आ रहे हैं। टीबी का नया स्वरूप चिंता का कारण बन रहा है।
कोरोना काल में लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होने, फेफड़ों को नुकसान पहुंचने से टीबी रोगियों की संख्या बढ़ी है। साथ ही ब्रेन टीबी के मरीजों में भी इजाफा हो गया है। रीढ़ की हड्डी की टीबी भी मरीजों की परेशानी बढ़ रही है।
डॉक्टरों का कहना है कि शुरुआत में मरीज इस बीमारी को सिरदर्द समझकर दवाएं खाते रहते हैं। बाद में जब इसका पता चलता है तब तक हालत बिगड़ चुकी होती है।