यमुना किनारे स्थित ऐतिहासिक हजरत शाह सूफी सैय्यद हमीदउद्दीन शाह रहमतुउल्ला अलैह का 797 वां तीन दिवसीय उर्स का आगाज शनिवार को हो गया। एसडीएम सदर रवींद्र कुमार मादंड ने फीता काटकर उर्स का उद्घाटन किया। उर्स के पहले दिन ही शहर और बाहर से आए हजारों जायरीन, मुरीद और अकीदमंदों ने दरबार में हाजिरी लगाकर हर खास-ओ-आम के लिए दुआ मांगी।
तीन दिवसीय उर्स का आगाज सुबह कुरआनख्वानी के साथ हुआ। उद्घाटन करते हुए एसडीएम सदर रवींद्र कुमार मादंड ने कहा कि यह दरगाह काफी प्राचीन है। लाखों लोगों की आस्था का केंद्र होने के कारण हम सभी की जिम्मेदारी है कि इस उर्स के दौरान व्यवस्थाएं बनाए रखे। तहसीलदार सदर जीत सिंह राय, मेला के प्रशासक मोहम्मद शमीम ने कहा कि मेला के दौरान व्यवस्थाओं को दुरुस्त रखने को पूरी टीम जुटी है। हमारा प्रयास होगा कि उर्स में आपसी सौहार्द बना रहे। उन्होंने समाजसेवियों एवं आमजन से दरगाह शरीफ पर आने का आह्वान किया। शाम को नौ बजे से नातिया मुशायरा आयोजित किया गया। इसमें शायरों ने कलाम पेश किए। तीन जनवरी को रात्रि नौ बजे महफिले शमां (कव्वाली) होगी। चार को सुबह दस बजे कुल शरीफ की रस्म व चादरपोशी के साथ लंगर तकसीम होगा।
डीएम पर वक्फ बोर्ड के आदेश की अवहेलना का आरोप लगाया
पूर्व सभासद अकील गुलाब खां ने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को भेजे पत्र में कहा है कि दरगाह हजरत सूफी सैय्यद हमीदउद्दीन शाह के 797 वां वार्षिक उर्स दो से चार जनवरी तक आयोजित होना है। वक्फ बोर्ड सुन्नी सेंटर लखनऊ में पंजीकृत है। शासन की ओर से मुझे 22 दिसंबर 2015 को ही प्रशासक नियुक्त किया था लेकिन डीएम विजय किरन आनंद ने वक्फ बोर्ड के आदेश की अवहेलना करते हुए ही आरईएस के एई मोहम्मद शमीम को प्रशासक बना दिया है।
दरगाह के सौंदर्यीकरण की मांग
सपा अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के महानगर अध्यक्ष इमरान मंसूरी ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर दरगाह के सुंदरीकरण की मांग की है। उन्होंने कहा कि दरगाह परिसर में पौधे लगवाएं जाएं, प्रकाश की स्थायी व्यवस्था को स्ट्रीट लाइट लगवाई जाए। चंद्रवार गेट से दरगाह शरीफ तक सड़क पर अतिक्रमण को हटवाया जाए। पीने के पानी की उचित व्यवस्था की जाए।