स्वच्छ भारत मिशन के तहत जमालपुर को सॉलिड लिक्विड बेस्ट मैनेजमेंट स्कीम के तहत मॉडल के रूप में तैयार करने की कवायद अमर उजाला की खबर के बाद शुरू की गई है। 25 मई को बायो सोलर इनर्जी की लखनऊ की टीम गांव में दस्तक देगी। बायोगैस प्लांट स्थापित होने के साथ घरों पर गैस का खर्च कम होगा। मंगलवार को टीम ने गांव में दस्तक देने के साथ सर्वे किया।
स्वच्छ भारत मिशन के तहत डीएम विजय किरन आनंद ने जिले के 20 गांवों की साफ सफाई की व्यवस्था के साथ ही इन गांवों में बायोगैस प्लांट की स्थापना करने का प्रस्ताव बनाने के निर्देश दिए थे। प्रस्ताव बना, शासन की हरी झंडी मिलने के बाद भी कोई ध्यान नहीं दिया। अमर उजाला ने इस योजना की हकीकत गत दिवस प्रकाशित की थी। इसके बाद डीएम ने जिला कोआर्डिनेटर राजीव नयन गुप्ता को सर्वे करके गांव की रिपोर्ट देने के निर्देश दिए। मंगलवार को जिला कोआर्डिनेटर ने जमालपुर गांव का दौरा किया। उन्होंने ग्रामीणों से गांव को मॉडल के रूप में विकसित करने की चरचा की। नालियों का पानी कैसे गांव से बाहर तक पहुंचे इसको भी देखा। जिला कोआर्डिनेटर ने कहा कि जमालपुर गांव को सालिड लिक्विड बेस्ट मैनेजमेंट स्कीम के तहत मॉडल के रूप में बनाया जाएगा। गांव में दस परिवारों को बायोगैस प्लांट से गैस मुहैया कराने का निर्णय लिया है। गोबर लाओ, ईंधन ले जाएं नारे के तहत करीब साढ़े तीन से चार लाख कीमत से प्लांट लगेगा तथा 550 मीटर नाले का निर्माण होगा ताकि गांव का गंदा पानी बाहर भेजा जा सके। पानी एवं मीथेन गैस के माध्यम से खाना पकाने की गैस प्लांट से परिवारों को मिलेगी। 25 मई को बायो सोलर इनर्जी की लखनऊ की टीम गांव में ही दस्तक देगी। जमालपुर के बाद पहाड़पुर में इस प्लांट की स्थापना की जाएगी।
गंदा पानी पीने को विवश छात्र
फीरोजाबाद (ब्यूरो)। प्राथमिक स्कूल जमालपुर में पढ़ने के लिए आने वाले बच्चों के पीने के शुद्ध पानी तक की कोई व्यवस्था नहीं है। हैंडपंप लंबे अर्से से खराब पड़ा है इसके कारण स्कूली छात्र-छात्राएं ड्रम में भरा गरम पानी पीने को विवश हैं।