उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद के जिले के टूंडला में 80 साल पुरानी रामलीला पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला आया है। सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के बाद इलाहाबाद हाईकोर्ट के उस आदेश को रद्द कर दिया है, जिसके तहत श्रीनगर रामलीला कमेटी द्वारा परिषदीय स्कूल के प्रांगण में आयोजित की जा रही 80 साल पुरानी रामलीला के मंचन पर रोक लगा दी गई थी।
टूंडला की जनता और रामलीला प्रेमियों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। सुप्रीम कोर्ट ने आज (बृहस्पतिवार को) सुनवाई के बाद इलाहाबाद हाईकोर्ट के उस आदेश को रद्द कर दिया है, जिसके तहत श्रीनगर रामलीला कमेटी द्वारा परिषदीय स्कूल के प्रांगण में आयोजित की जा रही 80 साल पुरानी रामलीला के मंचन पर रोक लगा दी गई थी। सुप्रीम कोर्ट की दो सदस्यीय पीठ ने लोगों की आस्था और रामलीला से जुड़े इस मामले की तुरंत सुनवाई करते हुए यह अहम फैसला सुनाया।
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आज शाम से फिर शुरू होगा मंचन
शीर्ष अदालत के इस आदेश के बाद टूंडला शहर में खुशी की लहर दौड़ गई है। रामलीला कमेटी के पदाधिकारियों ने इसकी घोषणा करते हुए बताया कि आयोजन आज शाम से ही फिर शुरू कर दिया जाएगा।
बता दें कि हाईकोर्ट ने शहर के निवासी प्रदीप राना की याचिका पर संज्ञान लेते हुए, जिसमें बच्चों की पढ़ाई बाधित होने का हवाला दिया गया था, रामलीला मंचन को बंद करने का आदेश दिया था। हाईकोर्ट के आदेश के बाद प्रशासन ने सोमवार देर रात मंचन रुकवा दिया था, जिसके चलते बुधवार को सीता-राम विवाह की लीला नहीं हो पाई थी।
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कमेटी ने की थी मंचन न करने की घोषणा
हाईकोर्ट के आदेश के बाद श्रीनगर रामलीला महोत्सव कमेटी ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। साथ ही कमेटी ने यह सर्वसहमति से निर्णय भी लिया था कि अगर उन्हें सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिली तो यह रामलीला तब तक आगे नहीं की जाएगी जब तक वर्षों से चले आ रहे स्थान पर मंचन की अनुमति नहीं मिल जाती। लेकिन अब सुप्रीम कोर्ट के सकारात्मक आदेश के बाद बरसों पुरानी यह प्रसिद्ध रामलीला एक बार फिर अपने पुराने और निर्धारित स्थान पर पूरी भव्यता के साथ दर्शकों के लिए उपलब्ध होगी।