सुहागनगरी के निर्यातक एवं हस्तशिल्पी प्रदेश की राजधानी लखनऊ तक अपनी धाक जमा रहे हैं। लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में शुक्रवार को आयोजित पुरस्कार समारोह में लघु उद्योग राज्यमंत्री भगवत सरन गंगवार के हाथों पुरस्कार पाकर निर्यातक एवं हस्तशिल्पयों ने सुहागनगरी का नाम रोशन किया है।
लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में शुक्रवार को आयोजित सम्मान समारोह में सुहागनगरी के एस ओवैस मुकर्रम व प्रमोद गर्ग को श्री जनेश्वर मिश्र निर्यात पुरस्कार से सम्मानित किया गया। वर्ष 2013-14 के लिए फीरोजाबाद जनपद के अग्रणी निर्यातकों में शुमार मै. ऐलीजेंस ओवरसीज के विनोद जैन, विनीत जैन को राज्यमंत्री भगवत सरन गंगवार द्वारा प्रथम पुरस्कार के रूप में ट्राफी प्रदान की गई।
वहीं मिलेनियम एक्सपोर्ट के मुन्नालाल जैन करंट, संजय जैन एवं दीपक जैन को द्वितीय पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। दोनों निर्यातकों को प्रदेश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान करने के विशेष रूप से सम्मानित किया गया। इन निर्यातकों द्वारा कांच हस्तशिल्प उद्योग में उच्च गुणवत्ता तथा नई तकनीक विकसित करते हुए निर्यात के क्षेत्र में यह उपलब्धि प्राप्त की है।
इसके अलावा सूक्ष्म एवं लघु उद्यमियों के लिए विशिष्ट गुणवत्ता उत्पाद पुरस्कार फीरोजाबाद के घनश्याम गुप्ता को पुरस्कृत किया गया। विशिष्ट सेवा क्षेत्र में शिकोहाबाद स्थित नेहा रेस्टोरेंट के अनिल माथुर को पुरस्कार मिला। सुहागनगरी के विशिष्ट हस्तशिल्पियों में शुमार रमेशचंद्र शर्मा, राजन सिंह यादव, विजय बहादुर दीक्षित को डा. राममनोहर लोहिया विशिष्ट हस्तशिल्पी प्रादेशिक पुरस्कार से सम्मानित किया गया। हस्तशिल्पी रमेशचंद्र शर्मा ने कहा कांच की कलाकृतियां बनाने का सफर 40 साल पहले प्रारंभ हुआ था। हस्तशिल्प के जरिए कांच के खिलौने व अन्य आइटम बनाने से कई लोगों के घर भी हमसे ही चलता है। राजन सिंह यादव कहते हैं कि हमने वर्षों पूर्व थोड़ी सी पूंजी से कार्य प्रारंभ किया था। आज हमारे कांच उत्पादों की दूर-दूर तक डिमांड है।