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आज 32 वर्ष की हो गई सुहागनगरी, इतने सालों में बदला गया स्वरूप

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जिला मुख्यालय फिरोजाबाद। पांच फरवरी 1989 में फिरोजाबाद को मिला था जनपद का दर्जा - फोटो : FIROZABAD
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फिरोजाबाद। सुहागनगरी के नाम से प्रसिद्ध जनपद आज 32 वर्ष का हो जाएगा। पांच फरवरी 1989 को लंबे संघर्ष के बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री नारायणदत्त तिवारी की सरकार में फिरोजाबाद को जिला घोषित किया गया था। जनपद की मांग को लेकर संघर्ष करने वालों की मानें तो जिला बनने के बाद शहर का स्वरूप बदला है, लेकिन आकांक्षाएं अभी भी अधूरी हैं।
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32 वर्ष पूर्व फिरोजाबाद आगरा जिले की एक तहसील था। मक्खनपुर तक इसकी सीमाएं थीं। इससे आगे मैनपुरी जिला की सीमाएं शुरू हो जाती थीं। शहर के लोगों ने ‘फिरोजाबाद को जिला बनाओ संघर्ष समिति’ का गठन कर आंदोलन किया था। पांच फरवरी 1989 को आगरा जिले से फिरोजाबाद एवं मैनपुरी जिले की शिकोहाबाद एवं जसराना तहसीलों को मिलाकर नया जिला बनाने की घोषणा तत्कालीन मुख्यमंत्री नारायणदत्त तिवारी ने की थी। नया जिला बनने के साथ फिरोजाबाद को जिला मुख्यालय मिला। 29 लाख से अधिक की जनसंख्या वाले फिरोजाबाद नगर निगम की आकांक्षाएं समय के साथ बढती जा रहीं हैं। जन गण मन के मुताबिक जिले मेें अभी भी कई विकास कार्यों की दरकार है।
जिले को इन विकास कार्यों की है आवश्यकता-
-फिरोजाबाद में परिवहन विभाग की डिपो की स्थापना का काम।
-ट्रांसपोर्ट नगर की स्थापना एवं आवासीय कॉलोनी का निर्माण।
-जिले के ग्रामीण अंचल में खारे पानी की समस्या का समाधान।
-फिरोजाबाद रेलवे स्टेशन के विस्तारीकरण का काम पड़ा है अधूरा।
-टूंडला से सिरसागंज के मध्य सिटी बसों के संचालन की मांग।
-जिला मुख्यालय पर रेलवे स्टेशन की स्थापना।
-हाथरस-फिरोजाबाद रजबहा में पानी नहीं आने के कारण गिरता जलस्तर।
-जाम और अतिक्रमण है बड़ी समस्या।
यह बोले संघर्ष करने वाले लोग-
-फिरोजाबाद को जिला बनाने के लिए काफी संघर्ष किया। हकीकत में पूछा जाए तो फिरोजाबाद जिला बनने के साथ हमेें बहुत कुछ मिला। परंतु अभी रोडवेज की डिपो, गांधीपार्क से रसूलपुर, गंज से कोटला चुंगी, सिनेमा चौराहा से ककरऊ तक डिवाइडर बनाए जाएं। -झब्बूलाल अग्रवाल, अध्यक्ष जिला बनाओ संघर्ष समिति।
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-तत्कालीन मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी ने जिस उद्देश्य से फिरोजाबाद को जिले का गठन किया था। वह उद्देश्य सफल नहीं हो सका। फिरोजाबाद को इलेक्ट्रॉनिक हब एवं हरित पट्टिका बनाने के साथ कांच उत्पाद को इतना विकसित किया जाए कि विदेशी सीधे फिरोजाबाद आए। विप्रा का गठन 1995 में हुआ था। लेकिन अभी तक अपनी कॉलोनी, ट्रांसपोर्टनगर जैसे प्रोजेक्ट अधूरे पड़े हैं। -उमाकांत पचौरी एडवोकेट ।
-फिरोजाबाद को जिला बने 31 वर्ष बीत गए। पीने का शुद्ध पानी के लिए गांव की जनता तरस रही है। सिंचाई को टूंडला, फिरोजाबाद के किसानों के लिए पानी मुहैया कराने को पिलख्तर, बरहन एवं हाथरस फिरोजाबाद माइनर के समानांतर नहर बनाई थी वह आज तक चालू नहीं हुई। -धर्म सिंह यादव, एडवोकेट।
स्थापना दिवस पर गोष्ठी एवं सम्मान समारोह कल
फिरोजाबाद। फिरोजाबाद सेवा समिति एवं जनपद स्थापना एवं विकास समिति द्वारा जिले का 32 वां स्थापना दिवस पर विचार गोष्ठी एवं प्रतिभा का सम्मान समारोह छह फरवरी को होगा। पत्रकारों से वार्ता में झब्बूलाल अग्रवाल, द्विजेंद्र मोहन शर्मा, उमाकांत पचौरी एवं कार्यक्रम संयोजक असलम भोला ने बताया जिले के स्थापना दिवस छह फरवरी को पालीवाल हॉल में दोपहर दो बजे से मनाया जाएगा। इसमें जिले को गौरवान्वित करने वाली हस्तियों एवं प्रतिभाओं को सम्मानित किया जाएगा।
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