डेंगू से पीड़ित बच्ची के लिए नहीं आई एंबुलेंस,
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जिला अस्पताल में भर्ती डेंगू से पीड़ित बच्ची को आगरा ले जाने के लिए एंबुलेंस नहीं मिली, जबकि बाल रोग विशेषज्ञ ने सीएमएस और सीएमओ को फोन करते रह गए। उपचार के दौरान बालिका की मौत हो गई। परिवारीजनों ने जिला अस्पताल में हंगामा कर दिया। स्थिति नियंत्रित करने के लिए सीएमएस को पुलिस बुलानी पड़ी।
टूंडला थाना क्षेत्र के गांव जरौली निवासी संतोष कुमार बुखार से पीड़ित आठ वर्षीय पुत्री रोशनी को दोपहर एक बजे सरकारी ट्रामा सेंटर लेकर पहुंचे। यहां से बालिका को जिला अस्पताल भेज दिया गया। परिवारीजनों ने बालिका को डा. नेमी चंद्रा को दिखाया।
बालिका की हालत गंभीर होने पर डा. नेमी चंद्रा ने उसको बच्चा वार्ड में भर्ती कर लिया। दोपहर करीब दो बजे बालिका की मौत हो गई। परिवारीजनों ने चिकित्सक पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। सीएमएस डा. अजय शुक्ला के साथ अन्य चिकित्सक पहुंचे। सीएमएस ने थाना उत्तर से पुलिस बुला ली। उपचार में लापरवाही के आरोप से घिरे बालरोग विशेषज्ञ डा. नेमी चंद्रा का कहना था कि बच्ची को डेंगू था। परिवारीजन तीन-चार दिन से निजी चिकित्सक के यहां इलाज करा रहे थे जिस वक्त परिवारीजन बच्ची को लेकर पहुंचे उसकी नाक से खून आ रहा था। वह नीली भी पड़ गई थी। बच्ची को आगरा रेफर करने के लिए एंबुलेस बुलाने के लिए सीएमएस और सीएमओ को फोन किया गया। एंबुलेंस नहीं आई। इस दौरान बच्ची की मौत हो गई।
पीड़ित परिवारीजन लापरवाही का जो आरोप लगा रहे है वह निराधार है। पुलिस ने मामले को शांत कराया। पीड़ित परिवारीजनों का आरोप था कि रोशनी को वार्ड में भर्ती करने के साथ ही उसको ड्रिप लगाना शुरू कर दिया था। इसके बाद बच्ची की हालत बिगड़ती गई। स्वास्थ्य कर्मचारियों को जानकारी देने के साथ ही वह चिकित्सक के पास भी गए, लेकिन उनकी किसी ने नहीं सुनी लापरवाही से मौत हुई है।