एमडीएम के नाम पर बच्चों को घटिया किस्म का भोजन परोसा जा रहा है। सेहत से खिलवाड़ हो रहा है। शनिवार को स्कूलों में चावल-सब्जी का वितरण किया गया। बच्चों ने टिफिन में सब्जी ली तो सुड़ी निकल आई। बच्चों ने इसे फेंक दिया।
नगर क्षेत्र में करीब 96 स्कूलों में मध्यान्ह भोजन का वितरण किया जा रहा है। शनिवार को नगर क्षेत्र के स्कूल में सब्जी चावल आए। प्राइमरी स्कूल करबला में जब शिक्षिका ने बच्चों को एमडीएम परोसना शुरू किया तो सब्जी में सुड़ी तैरती दिखाई थी। इसके बाद एमडीएम खा रहे बच्चों ने भी सुड़ी होने की शिकायत की। सभी बच्चों ने एमडीएम को फेंक दिया। सब्जी में आलू के छिलके नजर आए।
क्या कहते हैं बच्चे
- कक्षा चार की शिवानी कहती हैं कि टिफिन में सब्जी चावल लिए तो दो सूड़ी दिख र्गईं। हमने टिफिन से खाना फेंक दिया।
- छात्रा पलक का कहना है कि एमडीएम बहुत खराब आ रहा है। कभी कच्चे चावल तो सब्जी में आलू के छिलके भी। मगर सुडी देखकर एमडीएम नहीं खाया।
- सौरभ का कहना है कि मेरे टिफिन में चार सूडी निकली। हमने मैडम को बताया। मैडम ने खाना फिंकवा दिया।
क्या कहते हैं अधिकारी
नगर क्षेत्र में एनजीओ एमडीएम वितरण कर रही है। एमडीएम में सुड़ी निकलने की जांच कराएंगे। जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई करेंगे।
सच्चिदानंद यादव, बीएसए
सही मात्रा में रखे एमडीएम सैंपल
जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी एसके सिंह ने बताया कि बच्चों को भोजन वितरण करने से पहले सही मात्रा में शिक्षक एमडीएम का सैंपल रखे। लैब में भेजने के लिए सिर्फ 50 ग्राम सैंपल काफी नहीं है। अगर एमडीएम में कोई शिकायत है तो हमें अवगत कराएं।
खाद्य विभाग की टीम ने स्कूल किए चैक
खाद्य विभाग की टीम ने एमडीएम वितरण करने वाली संस्था श्याम ग्रामोद्योग संस्थान की नगला श्रोतिय स्थित रसोई का निरीक्षण किया। यहां फारचून रिफाइंड एवं चावल का सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा है। आसफाबाद प्राइमरी एवं जूनियर आसफाबाद में निरीक्षण किया गया।