फिरोजाबाद के अरांव थाने में तैनात उप निरीक्षक दिनेश कुमार मिश्रा को नजदीक से गोली मारी गई। उनकी गर्दन पर छर्रे लगने के निशान भी मिले हैं। वह जानकार के साथ बाइक से लौटकर आ रहे थे। उनकी सरकारी पिस्टल सुरक्षित मिली। इससे पड़ताल में जुटी टीमों को यही लग रहा है कि हत्या के पीछे लूट नहीं है। उनकी हत्या के पीछे कोई और वजह हो सकती है। पुलिस जानकार युवक से पूछताछ कर रही है। सभी बिंदुओं पर छानबीन की जा रही है।
घटना की जानकारी पर आगरा से एडीजी जोन राजीव कृष्ण और आईजी रेंज दीपक कुमार घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने फिरोजाबाद पुलिस से घटना की जानकारी ली। उप निरीक्षक दिनेश मिश्रा को गोली उनकी दायीं तरफ गर्दन पर लगी थी। गर्दन पर घाव के आसपास कालापन भी था। छर्रे लगने के भी निशान थे। इससे पुलिस को आशंका है कि गोली नजदीक से मारी गई। हत्या में ऐसा तभी हो सकता है जब कोई पास आया होगा। उनको गोली मारकर भाग गया होगा। उप निरीक्षक की पिस्टल सुरक्षित मिली। इससे लूट के लिए हत्या की आशंका कम है।
ये भी पढ़ें - दरोगा की हत्या: विवेचना पर जाने के दौरान ही पीछा कर रहे थे बदमाश, सूने रास्ते पर गोलियों से भून डाला; पीछे...
सटाकर मारी गई गोली, कहीं कोई नजदीकी तो नहीं
अरांव थाने में तैनात उपनिरीक्षक दिनेश कुमार मिश्रा को नजदीक से गोली मारी गई। उनकी गर्दन पर छर्रे लगने के निशान मिले हैं। वह जानकार के साथ बाइक से लौटकर आ रहे थे। उनकी सरकारी पिस्टल सुरक्षित मिली है। इससे पड़ताल में जुटी टीमों को यही लग रहा है कि हत्या के पीछे लूट नहीं है। उनकी हत्या के पीछे कोई और वजह हो सकती है।
ये भी पढ़ें - UP : फिरोजाबाद में दरोगा की गोली मारकर हत्या, बाइक सवार बदमाशों ने सीने पर किया वार, पुलिस अधिकारी मौके पर
गैंगस्टर के तहत होगी कार्रवाई
फिरोजाबाद। अरांव थाना क्षेत्र में दरोगा की गोली मारकर हत्या किए जाने की घटना के बाद जिला अस्पताल पहुंचे एसएसपी आशीष तिवारी ने कहा कि बदमाशों की गिरफ्तारी के लिए चार टीमें गठित कर दी हैं। बदमाशों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी। देर रात घटनास्थल पर आईजी भी पहुंचे।
ये भी पढ़ें - आगरा में बड़ी घटना: सीलन के चलते 300 साल पुरानी हवेली गिरी, एक बच्ची समेत दो की मौत, कई लोग मलबे में दबे
दरोगा के साथ वाले युवक को लिया गया हिरासत में
बाइक पर दरोगा दिनेश मिश्रा के साथ पीछे बैठे युवक को पुलिस ने हिरासत में लिया है। पुलिस युवक से पूछताछ कर रही है, कि आखिर वह युवक उनके साथ क्यों बैठा था, क्या वह बदमाशों को पहचानता है। इन सब सवालों का जवाब के लिए पुलिस व एसओजी टीम साथ ले गई है।
ये बोले अधिकारी
एडीजी आगरा जोन राजीव कृष्ण ने बताया कि उप निरीक्षक दिनेश मिश्रा महिला संबंधी अपराध के मामले में विवेचना कर आ रहे थे। रास्ते में उनकी हत्या कर दी गई। टीमों को लगाया गया है। सभी बिंदुओं पर पड़ताल की जा रही है। वहीं आईजी रेंज दीपक कुमार ने बताया कि घटना स्थल का निरीक्षण किया गया है। उप निरीक्षक को नजदीक से गोली मारी गई है। जांच की जा रही है।
परिवार में मचा कोहराम, घर पर जुटे रिश्तेदार
दरोगा दिनेश मिश्रा मूलरूप से कन्नौज के रहने वाले थे। वर्ष 2002 से कालिंदी विहार में परिवार सहित रह रहे थे। उनकी दो बेटी और एक बेटा है। बड़ी बेटी पूजा लखनऊ में पुलिस विभाग में हैं। दिनेश मिश्रा पूर्व में थाना एत्माद्दौला, ताजगंज, रकाबगंज में भी रह चुके थे। उनकी हत्या की घटना की जानकारी पर घर पर रिश्तेदार जुट गए। परिवार में कोहराम मच गया। उनकी बड़ी बेटी पूजा पुलिस विभाग में ही है। वह लखनऊ में तैनात हैं। बेटे मोहित की शादी हो चुकी है। छोटी बेटी लवली अविवाहित है। दरोगा के घर पर थाना ट्रांस यमुना पुलिस भी पहुंच गई।
सात महीने पहले जिले में बने थे दरोगा, तीन साल पहले आए थे
मृतक दरोगा के छोटे भाई योगेश मिश्रा ने बताया कि उनके बड़े भाई जिले में तीन साल पहले आए थे। 26 महीने तक जिले में हेड मोहर्रिर रहे। सात महीने पहले ही हेड मोहर्रिर से प्रमोशन पाकर दारोगा बने थे। उन्होंने बताया कि उनके परिवार में चार बच्चे हैं। बड़ी बेटी भी पुलिस में सिपाही है। दूसरे नंबर का बेटा मोहित यूपीएससी की तैयारी कर रहा है। तीसरे नंबर की बेटी नर्सिंग की पढ़ाई कर चुकी है।
जान बचाने के लिए जद्दोजहद करती दिखी खाकी
दरोगा दिनेश कुमार को गले के पास गोली लगने के बाद सिरसागंज से लेकर फिरोजाबाद की पुलिस अपने साथी की जान बचाने के लिए जद्दोजहद करती देखी गई। दरोगा को एंबुलेंस में उसके साथी पंपिंग करते हुए ट्रामा सेंटर लेकर पहुंचे। ट्रामा सेंटर पर पहले से मौजूद उत्तर थाना प्रभारी कमलेश सिंह ने तीन यूनिट रक्त की व्यवस्था की। तत्काल रक्त भी मंगवाया, लेकिन पुलिस की लाख कवायद के बाद भी दरोगा की जान नहीं बचा सकी। आखिरकार दरोगा जिंदगी से जंग हार गए।
भाई बोला, पुलिस ने नहीं उठाया फोन, नहीं दी कोई जानकारी
फिरोजाबाद। मृतक दरोगा के भाई योगेश ने बताया कि घटनाक्रम होने के बाद उन्होंने कई फोन पुलिसकर्मी व अफसरों को किए, लेकिन किसी ने भी फोन उठाने की जहमत नहीं उठाई। उन्होंने बताया कि कम से कम पुलिस को मानवता के तहत परिवार को जानकारी देनी चाहिए थी। उन्होंने बताया कि अगर धीरज जानकारी नहीं देता तो उन्हें इसे घटना की सूचना नहीं मिल पाती।