फिरोजाबाद। परिषदीय स्कूलों के विद्यार्थी बिना परीक्षा के फिर से प्रमोट किए जाएंगे। करीब 11 माह बाद स्कूल तो खुल गए लेकिन परीक्षा कराने का निर्देश नहीं आया है जबकि एक अप्रैल से नया सत्र शुरू हो जाएगा। अगर परीक्षाएं नहीं होती तो जिले के परिषदीय स्कूलों में अध्ययनरत एक लाख 66 हजार 211 परीक्षार्थी को इसका फायदा मिलेगा।
कोरोना काल का असर इस बार स्कूलों की वार्षिक परीक्षा पर भी पड़ा है। पिछले साल मार्च में स्कूल बंद हो गए थे। शासन के निर्देशन पर कक्षा एक आठवीं तक के विद्यार्थियों को बिना परीक्षा के अगली कक्षा में भेज दिया था। अब करीब 11 माह बाद स्कूल खुले तो परीक्षाओं का माहौल नहीं बन पा रहा है। परीक्षार्थियों को एक दिन छोड़कर अलग-अलग कक्षाओं के हिसाब से बुलाया जा रहा है। इस बार भी स्कूलों में बिना परीक्षा कराए ही अगली कक्षाओं में प्रमोट करने का निर्णय लिया है।
क्या कहते हैं अधिकारी
परीक्षा कराने से संबंधित अभी तक शासन की कोई गाइडलाइन नहीं आई है। संभवत: बच्चों को अगली कक्षा में प्रमोट कर दिया जाएगा। मगर स्कूलों 100 दिन के ज्ञानोत्सव कार्यक्रम के तहत कार्य योजना बनाकर शिक्षण कार्य कराया जाएगा।
डा. अरविंद पाठक, बीएसए
निजी स्कूल परीक्षा कराने पर अड़े
फिरोजाबद। निजी स्कूल परीक्षा कराने पर अड़े हुए हैं। साथ ही नियम बना दिया है कि पूरे साल की फीस जमा नहीं करेंगे, उनको न तो प्रमोट किया जाएगा न ही परीक्षा में शामिल किया जाएगा। अभिभावक स्कूल संचालकों के आदेश से परेशान हैं।
स्कूलों की छात्र संख्या
कक्षा छात्र संख्या
एक 22,730
दो 27,697
तीन 31,248
चार 23,771
पांच 20,998
छह 13,161
सात 13,604
आठ 13,002