फिरोजाबाद। यूपी बोर्ड 2025 की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा पास कर चुके जिले के 61770 छात्र अपने मूल अंकपत्रों के लिए परेशान हैं। परिणाम 25 अप्रैल को जारी कर दिया गया हो, लेकिन डेढ़ माह बीत जाने के बाद भी छात्रों को प्रमाणपत्र नहीं मिल सके हैं। इस कारण दूसरे विद्यालयों में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों के सामने असमंजस की स्थिति है।
छात्रों का कहना है कि बिना मूल अंकपत्र के किसी भी कॉलेज में एडमिशन नहीं मिल रहा है। कई निजी और सरकारी संस्थानों में दाखिले की अंतिम तिथि नजदीक है। ऐसे में दस्तावेज की कमी उनके लिए मुश्किल खड़ी कर रही है।
इंटरमीडिएट उत्तीर्ण छात्र आर्यन शर्मा ने बताया कि वह आगरा में बीकॉम में प्रवेश लेना चाहता है। कॉलेज में मूल अंकपत्र दिखाने की अनिवार्यता है। स्कूल में कई बार पूछ चुका हूं, लेकिन कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिलता। इसके अलावा इंटर पास कर चुकी साक्षी अग्रवाल ने कहा, मैं दिल्ली गर्ल्स कॉलेज में दाखिला लेना चाहती हूं। वहां मेरिट बेस्ड एडमिशन है, बिना मार्कशीट अपलोड किए फॉर्म स्वीकार नहीं हो रहा। डर है कि सीट न छूट जाए।
फिरोजाबाद जिले में इस बार यूपी बोर्ड की हाईस्कूल परीक्षा में 31,560 छात्र उत्तीर्ण हुए हैं, जबकि इंटरमीडिएट में 30,210 विद्यार्थियों ने सफलता हासिल की है। इतनी बड़ी संख्या में छात्र आगे की पढ़ाई के लिए तैयार हैं, लेकिन दस्तावेजों के अभाव में उनकी पढ़ाई अधर में लटकती नजर आ रही है।
जिला विद्यालय निरीक्षक धीरेंद्र यादव ने बताया कि, बोर्ड से अंकपत्र आते ही उन्हें स्कूलों में भेजकर तुरंत वितरण की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। विभाग इस विषय को गंभीरता से ले रहा है और सभी प्रधानाचार्यों को दिशा-निर्देश दिए जा चुके हैं।