फिरोजाबाद। बगैर एनओसी भूगर्भ जल का दोहन कर रहीं कांच, चूड़ी इकाई, कोल्ड स्टोरेज एवं पानी प्लांटों पर सख्ती की तैयारी है। नोटिस के बावजूद भूगर्भ जलदोहन को जरूरी अनापत्ति प्रमाणपत्र हासिल नहीं करने वाली इकाइयों में बिजली कनेक्शन काटने के अलावा सबमर्सिबल को सील किया जाएगा। शुक्रवार को डीएम रमेश रंजन ने समीक्षा के उपरांत इस आशय के संकेत दिए।
व्यवसायिक प्रयोग के लिए भूगर्भ जल का दोहन करने वाली इकाइयों को भूगर्भ जल संरक्षण विभाग आगरा द्वारा अनापत्ति प्रमाण पत्र हासिल करना अनिवार्य है। लेकिन जिले के मक्खनपुर, फिरोजाबाद, टूंडला और उसायनी में संचालित कांच इकाइयों में से अधिकांश भूगर्भ जल संरक्षण को बने नियमों का उल्लंघन कर रहीं हैं। इसके अलावा जिले की फिरोजाबाद, टूंडला, शिकोहाबाद, जसराना और सिरसागंज क्षेत्र में संचालित कोल्ड स्टोरेज द्वारा भूगर्भ जल दोहन को जरूरी एनओसी नहीं ली है।
शुक्रवार को जिलाधिकारी रमेश रंजन ने समीक्षा बैठक के दौरान इस पर कड़ी आपत्ति जताई। डीएम ने नोटिस अवधि में एनओसी नहीं लेनी वाली इकाइयों में स्थापित सबमर्सिबल का बिजली कनैक्शन काटने के निर्देश दिए। इसके बाद भी एनओसी नहीं लेने पर संबंधित इकाई का बिजली कनेक्शन काटा जाएगा।
जिले में बगैर एनओसी भूगर्भ जल दोहन वाली व्यवसायिक इकाई
कांच व चूड़ी इकाई 86
कोल्ड स्टोरेज 47
पानी प्लांट 07
वाहन धुलाई केंद्र 20
बगैर एनओसी भूगर्भ जलदोहन कर रहे व्यवसायिक प्रतिष्ठानों पर शिकंजा कसा जाएगा। पहले चरण में नोटिस जारी किए जाएंगे। तदोपरांत सबमर्सिबल अथवा नलकूप काे सील करने कार्रवाई होगी। इसके बाद विद्युत विभाग के सहयोग से प्रतिष्ठान में स्थापित सबमर्सिबल का बिजली कनेक्शन विच्छेदित कराया जाएगा।
नवरत्न सिंह, वरिष्ठ हाइड्रोलोजिस्ट, भूगर्भ जल संस्थान आगरा