फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Firozabad News: स्वनिधि की तीसरी किस्त पाने के लिए चक्कर काट रहे पथ विक्रेता

Sun, 29 Sep 2024 01:00 AM IST
आगरा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
विज्ञापन
विज्ञापन
फिरोजाबाद। पहली व दूसरे किस्त की ऋण राशि समय से बैंक को अदा करने वाले पथ विक्रेता अब तीसरी किस्त पाने के लिए बैंकों के चक्कर लगाने को मजबूर हैं। बैंक शाखाएं पीएम स्वनिधि योजना के तहत पथ विक्रेताओं तीसरे किस्त की ऋण राशि जारी करने में ढुलमुल नीति अपना रहे हैं। बैंक शाखाओं ने सैंकडों पात्रता श्रेणी वाले आवेदन बगैर सत्यापन करके ही निरस्त कर दिए। नगर निगम ने लीड बैंक प्रबंधक को पत्र लिखकर इसकी जानकारी दी है।प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत जिले में 28000 से ज्यादा पथ विक्रेता पंजीकृत हैं। नोडल विभाग शहरी आजीविका मिशन द्वारा पंजीकृत इन सभी पथ विक्रेताओं में से 18000 से ज्यादा को पीएम स्वनिधि योजना के तहत प्रथम, द्वितीय की ऋण राशि क्रमश: 10 हजार व 20 हजार रुपये बैंक शाखाओं से दिलाई गई थी। इनमें से 75 प्रतिशत से अधिक प्रथम व द्वितीय किस्त के लाभार्थियों ने अपनी ऋण राशि के रुपयों को बैंक में जमा भी करा दिया है। लेकिन बैंक शाखाएं योजना के तहत मिलने वाली तीसरी किस्त की ऋण राशि 50 हजार लेने के लिए आवेदन करने वाले आवेदकों को भाव नहीं दे रहे है।
विज्ञापन

कई आवेदक पथ विक्रेताओं का आरोप है कि बैंक शाखाएं बगैर सत्यापन उनके आवेदनों को निरस्त कर रहीं हैं। जबकि दीपावली का त्यौहार करीबह है। ऋण राशि समय से नहीं मिली तो उनकी आजीविका प्रभावित होगी। सहायक प्रबंधक पंडित दीनदयाल उपाध्याय अंत्योदय शहरी आजीविका मिशन के अनुसार छह माह की अवधि में बैंक शाखाओं ने महज 231 आवेदकों को ही पीओ डूडा के हस्तक्षेप के बाद तीसरी किस्त का भुगतान किया है।
-
-दो साल में पहली व दूसरी किस्त प्राप्त की। दोनों किस्तों का भुगतान कर दिया, लेकिन बैंक शाखा प्रबंधक ने बगैर सत्यापन मेरा आवेदन निरस्त कर दिया। बताया कि पहली और दूसरी किस्त में मिली ऋण राशि को समय से जमा कराओ। काम आगे बढ़ाने के लिए तीसरी किस्त 50 हजार रुपये के रूप में दी जाएगी। साख बनाने के लिए पहली, दूसरी किस्त की ऋण राशि जमा करा दी। तीसरी किस्त के लिए चक्कर लगाने को मजबूर हैं।
विज्ञापन

रामबदन, झील की पुलिया
-
पथ विक्रेताओं को समय से किस्त भुगतान नहीं किये जाने की शिकायतें मिली हैं। शिकायतों के निस्तारण व पथ विक्रेताओं को योजना के लाभ सुनिश्चित कराया जाएगा। इस संबंध में लीड बैंक प्रबंधक को पत्र लिखा गया है। पुष्पेद्र कुमार, परियोजना निदेशक शहरी आजीविका मिशन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें