आंधी में गिरी दीवार, बालिका की मौत
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शुक्रवार की शाम जनपद में धूलभरी आंधी का कहर टूटा। इस दौरान रामगढ़ के मोहल्ला विलाल नगर में गिरी दीवार में दबकर एक बालिका की मौत हो गई। वहीं दो लड़कियां घायल हो गई। इसके अलावा आंधी से टिनशेड, छप्पर उड़ गए। दर्जनों पेड़ गिरे हैं। इससे कई रास्ते घंटों बाधित रहे। वहीं धूलभरी आंधी के बाद हुई बूंदाबांदी से लोगों को भीषण गर्मी से कुछ राहत मिली है।
इस साल मौसम का मिजाज पल-पल बदल रहा है। शुक्रवार को दिनभर में चिलचिलाती धूप, गर्म हवाओं के थपेड़े जान लेने पर उतारू रहे। वहीं शाम करीब छह बजे अचानक आसमान में बादल छा गए। देखते ही देखते धूलभरी आंधी चलने लगी। लगभग 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आई इस आंधी से विलाल नगर में एक मकान की दीवार गिर गई। इसके मलबे में इब्राहीम की बेटी मुस्कान (10), इनाम अली की बेटी मुस्कान (13) एवं एक अन्य बालिका दब गई। इससे गांव में हड़कंप मच गया। ग्रामीणों ने मलबा हटाकर तीनों लड़कियों को बाहर निकाला। लोग इन्हें लेकर जिला अस्पताल गए। जहां डाक्टरों ने एक बालिका को मृत घोषित कर दिया। वहीं तेज हवाओं के कारण सुभाष तिराहा, नगला भाऊ चौराहा पर दुकानों के बोर्ड, होर्डिंग्स, टिनशेड उड़ गए। ग्रामीण क्षेत्रों में आंधी में छप्पर, झोपड़ी उड़ने के साथ पेड़ भी टूटे हैं। आंधी का सबसे ज्यादा असर जसराना क्षेत्र में दिखा। जहां दर्जनों पेड़ गिरने से कई सड़कों पर काफी देर तक यातायात बाधित रहा। वहीं लोहपीटा समाज की शादी समारोह का पांडाल आदि भी तेज हवा के साथ उड़ गया। नारखी क्षेत्र में आंधी के साथ बूंदाबादी हुई। एका क्षेत्र भी में आंधी का असर देखने को मिला। इससे सबसे ज्यादा नुकसान आम के बागवानों को हुआ है।