पशुपालक की हत्या के बाद विलाप करती महिलाएं
गांव रैपुरा में पशु पालक की हत्या कर शव को नगला हिम्मत के कुंआ में फेंक दिया। हत्यारोपी 24 बकरियों को लूट कर ले गए। जांच पड़ताल के बाद पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर उनकी निशानदेही पर लूटी गई बकरियां बरामद कर लीं। शव को कुआं से निकाल पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
रामगढ़ थाना क्षेत्र के गांव रैपुरा निवासी पप्पू बघेल पुत्र सोवरन सिंह बघेल पत्नी की मौत के बाद अपने भाईयों के पास रहत थे। ग्रामीणों की माने तो रविवार सुबह पप्पू करीब 24 बकरियों और बकरों को चराने के लिए गए थे। देर शाम आंधी आने के बाद पप्पू घर नहीं लौटे तो परिवारीजनों को चिंता हुइ। उन्होंने ग्रामीणों के साथ उनकी तलाश की लेकिन कहीं पता नहीं चला। उन्हाेेंने अनहोनी की आशंका जताते हुए रामगढ़ पुलिस को जानकारी दी। इस पर रामगढ़ पुलिस कई थानों के फोर्स के साथ गांव पहुंच गई। यहां परिवारीजनों से पूछताछ की। इसके बाद पुलिस ने चनौरा निवासी नन्नू के घर दबिश देकर उसके पुत्र शमशाद को हिरासत में ले लिया। पूछताछ के दौरान शमशाद ने पुलिस को बताया कि पप्पू की हत्या कर शव को नगला हिम्मत के खेतों मेें बने कु आं में फेंक दिया गया है। इस पर पुलिस ने पप्पू के शव को कुआं से बरामद कर लिया। पप्पू का शव बरामद होते ही परिवारीजनों में कोहराम मच गया। पुलिस ने शव को जिला अस्पताल भेजने के साथ ही आरोपी की निशानदेही पर पूरन पुत्र अनोखेलाल, विजयपाल पुत्र भगवान सिंह, अरमान पुत्र भूखे खां निवासीगढ़ चनौरा को गिरफ्तार करते हुए उनके कब्जे से लूटी गई बकरियां बरामद कर लीं। कार्यवाहक थानाध्यक्ष रामगढ़ का कहना है कि चार लोगों को गिरफ्तार किया है। उनके खिलाफ कार्रवाई कर जेल भेजा जाएगा।
शुरू से था शमशाद पर शक
ग्रामीणों की माने तो पप्पू के परिवारीजन उसकी तलाश कर रहे थे, तभी से उनको चनौरा निवासी शमशाद पर शक हो रहा था। क्योंकि पांच माह पूर्व पप्पू की कुछ बकरियां चोरी होने पर शमशाद ने पप्पू से पांच सौ रुपये लेकर उसको बकरियां दिलाई थीं।
पप्पू की तलाश कराता रहा आरोपी
परिवारीजनों की माने तो पुलिस के शक से बचने के लिए शमशाद देर रात तक पप्पू के परिवारीजनों के साथ रहा। कई बार ग्रामीणों ने कुआं की ओर जाने की प्रयास किया तो उसने रोक दिया।