फिरोजाबाद। शिकोहाबाद के चर्चित अंजलि निगम मौत प्रकरण में अब तक आरोपी पुलिसकर्मियों के बयान दर्ज नहीं हो सके हैं। उधर, पीड़ित परिवार की निगाहें जांच रिपोर्ट और आगे होने वाली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।
गांव लभौआ की रहने वाली अनुसूचित जाति की महिला अंजलि की बीते सोमवार को प्रसव के बाद मृत्यु हो गई थी। इससे पूर्व रविवार रात अंजलि के पति को पुलिस ने चोरी के शक में हिरासत में लिया था। अंजलि के परिजन का आरोप था कि पुलिस ने अंजलि द्वारा पति को हिरासत में लिए जाने के विरोध के दौरान उसके पेट में लात मार दी थी। इस आरोप पर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई थीं।
मंगलवार को घटना के विरोध में सपा के राष्ट्रीय महासचिव प्रो. रामजीलाल सुमन ने कार्यकर्ताओं संग थाने पर धरना दिया था। तब एसपी ग्रामीण अनुज चौधरी व एएसपी जयबिंद गुप्ता ने तीन दिन में निष्पक्ष जांच कर कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया था। निर्धारित समय पूरा होने के बाद भी बयान दर्ज नहीं हुए हैं। हालांकि इस मामले में एसएसपी ने दरोगा धर्मपाल समेत छह पुलिसकर्मियों को निलंबित व मुंशी अभय प्रताप को लाइन हाजिर कर दिया था।
आगरा में जिंदगी की जंग लड़ रहा नवजात
अंजलि द्वारा जन्म दिए गए नवजात शिशु का इलाज फिलहाल आगरा के एक अस्पताल में चल रहा है। डॉक्टरों के अनुसार शिशु की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। मां के साए से महरूम इस मासूम की गिरती सेहत को लेकर पूरा परिवार गहरे सदमे और चिंता में है।