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सपा ने ट्रिपल ‘एस’ को बनाया उम्मीदवार

Sat, 21 Jan 2017 12:35 AM IST
अमर उजाला ब्यूूराे, फीराेजाबाद
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समाजवादी पार्टी - फोटो : amar ujala
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सपा ने पांच सीटों में से तीन पर ट्रिपल ‘एस’ को उम्मीदवार बनाया है। ट्रिपल ‘एस’ यानी जसराना से शिव प्रताप यादव, शिकोहाबाद से संजय यादव और टूंडला से शिव सिंह चक का सपा का टिकट मिला है। पार्टी ने जसराना से रामवीर यादव, टूंडला से महाराज सिंह धनगर और शिकोहाबाद से ओमप्रकाश वर्मा का टिकट काट दिया है। सिरसागंज से हरिओम यादव और सदर सीट से अजीम भाई ही चुनाव लड़ेंगे।
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सपा की रार के बीच मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और मुलायम सिंह यादव ने अलग-अलग उम्मीदवार घोषित किए थे। सदर सीट से अजीम भाई, जसराना से रामवीर यादव, टूंडला से महाराज सिंह धनगर और सिरसागंज से हरिओम यादव का नाम दोनों सूची में था। शिकोहाबाद से अखिलेश यादव ने मौजूदा विधायक ओमप्रकाश वर्मा और मुलायम ने पूर्व ब्लाक प्रमुख मीना राजपूत को टिकट देने की घोषणा की थी। भाजपा प्रत्याशियों की सूची जारी होने के बाद सपा ने भी नए सिरे से उम्मीदवार पर माथापच्ची शुरू कर दी। टूंडला से सपा ने धनगर को उम्मीदवार बनाया लेकिन भाजपा ने जब यहां एसपी सिंह बघेल का नाम फाइनल कर दिया और टिकट न मिलने पर पूर्व विधायक शिव सिंंह चक भगवा खेेमे से खिसक कर साइकिल सवार हो गए तब माना जाने लगा कि सपा टूंडला से धनगर की जगह चक को टिकट देगी। सपा ने यहां से धनगर का टिकट काट कर चक को टिकट दिया है।  
शिकोहाबाद से मौजूदा विधायक ओमप्रकाश वर्मा का भी टिकट काट दिया गया है उनके स्थान पर सयुस के पूर्व अध्यक्ष चौधरी संजय यादव को टिकट दिया गया है। संजय यादव पुराने समाजवादी परिवार से जुडे़ हैं। उनके पिता राधा किशन यादव पार्टी के जिलाध्यक्ष रहे। बाबा चौधरी सनक सिंह यादव ब्लाक प्रमुख थे। संजय यादव की पत्नी बबिता यादव भी सदर ब्लाक से प्रमुख रही हैं। संजय यादव 2001 से 2007 तक सयुस से प्रदेशाध्यक्ष रहे थे। 2012 के चुनाव में भी उन्होंने शिकोहाबाद से टिकट मांगा था, नहीं मिलने पर उन्होंने पार्टी से बगावत कर निर्दलीय चुनाव लड़ा था। लोकसभा चुनाव के दौरान प्रोफेसर रामगोपाल यादव ने उनकी पार्टी में वापसी कराई थी। वर्मा की टिकट काटने से पीछे सपा के ही एक विधायक की नाराजगी और भाजपा द्वारा निषाद उम्मीदवार उतारना बताया गया है।
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चौंकाने वाला फैसला जसराना पर बताया गया है। सूत्र बताते हैं कि रामवीर यादव का नाम पूर्व में दोनों सूची में होने के बाद भी काट दिया गया है। रामवीर यादव यहां सपा से चार बार विधायक रहे हैं। उनके स्थान पर जसराना से ही चार बार विधायक रहे बलबीर सिंह यादव के पुत्र शिव प्रताप यादव टिल्लू को टिकट दिया गया है। बलवीर सिंह जसराना से 1962, 1974, 1977 और 1984 में विधायक बने थे। शिव प्रताप यादव ग्राम फरीदा के रहने वाले हैं। बताते हैं कि सपा की रार में मुलायम का साथ देना रामवीर यादव को भारी पड़ गया। हालांकि मुलायम ने अखिलेश यादव  को टिकट देने के लिए अपने करीबियों की जो सूची सौंपी थी उसमें रामवीर यादव का भी नाम था। रामवीर यादव वर्तमान में सपा के विधायक हैं। इससे पहले वह जसराना से ही 1993, 1996 और 2002 में विधायक बने थे। सिरसागंज से हरिओम यादव और सदर सीट से अजीम भाई के नाम पर ही मोहर लगाई गई है। हरिओम यादव वर्तमान में सिरसागंज से विधायक हैं। अजीम भाई 2002 में यहां से सपा के विधायक रह चुके हैं। 2012 के चुनाव में वह भाजपा प्रत्याशी मनीष असीजा से करीब दो हजार वोटों के अंतर से हार गए थे।

शिव प्रताप सपा में नया नाम
शिव प्रताप का नाम सपा में एकदम नया है। शिव प्रताप यादव उर्फ टिल्लू एटा डायट में प्रवक्ता हैं। उनके पिता बलवीर सिंह यादव जसराना से चार बार विधायक रहे। 1962 में बलवीर सिंह यादव स्वतंत्र पार्टी से विधायक चुने गए थे। 1974 में लोकदल, 1977 में जनता पार्टी और 1984 में पुन: जनता पार्टी से विधायक बने थे। बताते हैं कि शिव प्रताप यादव डायट के प्रवक्ता पद से त्यागपत्र देंगे। पिता की राजनीतिक बिरासत को आगे बढ़ाने के लिए शिव प्रताप साइकिल पर सवार हुए हैं। सपा नेताओं से उनकी नजदीकी जरूर थी लेकिन पार्टी मंचों पर आम जनता ने उन्हें कभी नहीं देखा।
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