फिरोजाबाद। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट एवं विशेष न्यायधीश एमपी एमएलए कोर्ट डॉ. निधि यादव द्वितीय की अदालत में सपा नेताओं के खिलाफ मुकदमा विचाराधीन है। जिसमें आरोपियों के विरुद्ध आरोप है कि 13 वर्ष पूर्व हरिओम यादव पूर्व विधायक के निर्देशन में धारा 144 का उल्लघंन करते हुए धरना प्रदर्शन एवं सरकार विरोधी नारे लगा रहे थे। इससे लोगों में दहशत फैल गई थी। यह लोगों को समझाने पर नहीं माने। इस मामले में नेताओं ने जमानत कराई है। तत्कालीन थानाध्यक्ष सूबेदार सिंह ने सात मार्च 2011 को रिपोर्ट दर्ज कराते हुए कहा कि शिकोहाबाद तहसील चौराहे पर करीब दो दर्जन नामजद सहित करीब 150 लोग धारा 144 लागू होने के बावजूद धरना प्रर्दशन कर सरकार के विरोध में नारे लगा रहे थे। जिससे शांति व्यवस्था खराब हो रही थी। लोगों में दहशत फैल गई। विवेचना उपरांत आरोप पत्र न्यायालय प्रेषित किया गया। न्यायालय में 96 आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा विचाराधीन है। जिसमें कुछ गैर हाजिर चल रहे आरोपियों के विरुद्ध बिना जमानती वारंट जारी किए गए थे। जिसमें पुलिस ने वारंट की तामील करते हुए सुधीर, वरन सिंह एवं शैलेश को न्यायालय के समक्ष हाजिर किया। आरोपियों की ओर से अलग- अलग जमानत प्रार्थना पत्र न्यायालय पेश किए गए।
विशेष न्यायाधीश एमपी एमएलए कोर्ट डाॅ. निधि यादव ने दोनों पक्षों के तर्क सुनने एवं पत्रावली पर उपलब्ध तमाम साक्ष्य का गहनता से अध्ययन करने के बाद जमानत का पर्याप्त आधार पाते हुए जमानत मंजूर कर दी।