समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव एवं सांसद प्रो. रामगोपाल यादव ने जातीय भेदभाव, आरक्षण, यूजीसी और चुनावी मुद्दों पर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जैसे रावण के दस मुख थे, वैसे ही इनके भी दस मुख हैं। एक से कुछ कहलवाएंगे, दूसरे से कुछ और तीसरे से कुछ और कहलवाएंगे। जनता को गुमराह करना इनकी आदत है। उन्होंने माधौगंज और नसीरपुर में सड़कों के उद्घाटन अवसर पर मीडिया से बात करते हुए यह बातें कहीं।
आरएसएस के महासचिव दत्तात्रेय होसबले के जातीय आधारित भेदभाव समाप्त करने संबंधी बयान पर उन्होंने कहा कि वह तो चाहते हैं हर व्यक्ति के लिए आरक्षण हो। यूजीसी पर भाजपा के कोर वोट बैंक माने जाने वाले सवर्ण समाज के विरोध से जुड़े सवाल पर प्रो. रामगोपाल यादव ने सरकार पर तंज कसा। कहा कि इस सरकार में तरह-तरह के लोग हैं।
गृह मंत्री अमित शाह द्वारा एनआरसी लागू किए जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि उन्हें इसको लागू करने से कौन रोक रहा है। सत्ता और संस्थाएं उन्हीं के पास हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव की दृष्टि से ही इस तरह की बातें कही जाती हैं। दिल्ली में मतदाता सूची के पुनरीक्षण के दौरान बड़ी संख्या में वोट काटे जाने और नोटिस जारी किए जाने के सवाल पर कहा कि पूरी दिल्ली में जितने वोट काटे गए हैं, उतने तो उनके यहां एक जिले में काटे जा चुके हैं। उन्होंने मतदाता सूची से जुड़े मामलों को लेकर भी सवाल उठाए।