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पुलिस हिरासत से भागे सोनू पर लूट का शक

Thu, 11 Jun 2015 11:19 PM IST
ब्यूरो,अमर उजाला फीरोजाबाद
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फीरोजाबाद। सरकारी खजाना लूटकांड में पुलिस के हाथ ठोस सबूत लगे हैं। सूत्रों की माने तो लूट की घटना को अंजाम पुलिस कस्टडी से फरार हुए बदमाश ने साथियों के साथ दिया है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए देर रात उसके गांव और रिश्तेदारों के यहां भी दबिश दी, लेकिन एक भी आरोपी पुलिस के हाथ नहीं लग सका।
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शिकोहाबाद स्थित बड़े डाकघर के कैशियर बंसतलाल जैन के साथ हुई 19 लाख की लूट की खबर के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। रात करीब नौ बजे आईजी और एसएसपी पीयूष श्रीवास्तव ने घटनास्थल का निरीक्षण कर सीओ शिकोहाबाद श्यामकांत के नेतृत्व में तीन टीम गठित कर दी हैं। इसमें कोतवाल सिरसागंज, शिकोहाबाद और एसओजी को शामिल किया गया है। सूत्रों की माने तो पीड़ितों से पूछताछ करने के साथ ही पुलिस ने कुछ बदमाशों के फोटो दिखाए। इस आधार पर पुलिस ने एक बदमाश की शिनाख्त सोनू यादव के रुप में की है। सोनू यादव मूल रूप से सिरसागंज थाना क्षेत्र के गांव इंदरगढ़ का रहने वाला है। उसने साथियों के साथ जसराना के पाढ़म में स्वर्णकार की लूट के दौरान गोली मारकर हत्या की थी। कानपुर पुलिस ने उसको गिरफ्तार कर जेल भेजा था। 19 मई को पेशी पर आते समय वह फीरोजाबाद स्टेशन से हथकड़ी काटकर फरार हो गया था। तब से पुलिस को इसकी तलाश है।

आगरा से कानपुर तक है सोनू यादव का नेटवर्क
पुलिस सूत्रों की माने तो सोनू यादव का नेटवर्क कानपुर, मैनपुरी, इटावा, सिरसागंज और शिकोहाबाद में काफी मजबूत है। स्वर्णकार की हत्या के बाद उसने कानपुर में शरण पाई थी। फीरोजाबाद पुलिस उसको पकड़ती तब तक कानपुर पुलिस ने उसको जेल भेज दिया था।
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नहीं मिली कोई सफलता
पुलिस कप्तान पीयूष श्रीवास्तव का कहना है कि शिकोहाबाद में हुई 19 लाख की लूट के मामले में कोई सफलता नहीं मिली है और न ही बदमाशों को चिह्नित किया जा सका है। पुलिस की तीन टीम बदमाशों की गिरफ्तारी के लिए प्रयास कर रही हैं।
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